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घर पर अपनी बोली अपनाईए, साहित्य को समृद्ध बनाईए : आशा चांद

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घर पर अपनी बोली अपनाईए, साहित्य को समृद्ध बनाईए : आशा चां

साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त सिंधी साहित्य-सेविका का अभिनंदन किया गया

कटनी। राष्ट्रीय साहित्य अकादमी पुरूस्कार से सम्मानित सिंधी भाषा साहित्य की सेवा में समर्पित श्रीमती आशा चांद ने माधवनगर सिंधु भवन में आयोजित कार्यक्रम में सभी सिंधी भाषियों से अपील की कि वे घर-समाज के बीच हेमेशा अपनी बोली (सिंधी भाषा) में बात करें। अपनी बोली- भाषा को प्राथमिकता देने से सिंधी साहित्य भाषा और संस्कृति को पोषण मिलता है और सिंधीयत हमेशा जीवित रहेगी, समृद्ध रहेगी, साथ ही आपकी विद्वता उच्च स्तर की होगी l

दुबई में रहकर सिंधी भाषा के चैनल के माध्यम से सिंधी कार्यक्रम समाचार आदि का प्रचार करने वाली संचालिका आशा चांद हमेशा भारत व अन्य देशों के शहरों में रहने वाले प्रवासी सिंधियों के बीच पहुंचकर सिंधी भाषा साहित्य की समृद्धि के लिए सेवा करती है। इस तारतम्य में दूसरी बार कटनी आईं आशा चांद का आतिथ्य मोहन-भारती नागवानी परिवार को मिला है। माधवनगर के वरिष्ठ समाजसेवी झमटमल ठारवानी के संयोजन में उनका अभिनंदन समारोह सिंधु-भवन में किया गया था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मोहनलाल पारेचा एवं नवीन मोटवानी दादा ठारवानी ने भी संबोधन दिया।

सिंधी भाषा में संचालन

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि समारोह का संचालन सिंधी भाषा में साहित्यकार श्रीमती पायल जेतवानी ने किया। उन्होंने सदन को बताया कि चैनल-आडियो-विजुअल के द्वारा साहित्य सेवा करने वाली श्रीमती आशा चांद ने सिंधी साहित्य के विश्वकोष ए जे उत्तम का प्रकाशन किया है।

दो चरणों पर भाषा-सेवा का अभियान

श्रीमती आशा चांद ने विशेष जानकारी में बताया कि सिंधी भाषा के प्रोत्साहन के प्रोजेक्ट का अनुसरण कर रहे हैं। पहला तो घर पर सिंधी बोली का उपयोग, सिंधी भाषा के भजन-गीत गाने तथा दूसरा सभी स्कूलों में सिंधी भाषा का एक पीरीयड शुरू कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कुछ निजी विद्यालयों ने 52 वर्णीय वर्णमाला पढ़ाने की सहमति दी है।

छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति

कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इनमें सिंधी भाषा के गीतों का गायन करते हुये नृत्य की प्रस्तुति की। बहुत सराहना हुई।
कार्यक्रम में समाज के प्रतिष्ठित जन सर्वश्री अशोक चेलानी, दयाराम मेहानी, मनोहर लाल बजाज, गोविंद सचदेवा, मोहन नागवानी, प्रेम बत्रा, ईश्वर बहरानी, देवीदास तुल्स्यानी, संजय खूबचंदानी, राजा जगवानी, ठाकुरदास रंगलानी, खियल चावला, जयराम दास गुरनानी, अदनी पंजवानी, हितेष राजपाल, रामचंद मूलवानी एवं महिला समाजसेवी भारती नागवानी, सरिता माटानी, प्रिया माटानी, मंजू बहरानी, नीलम जगवानी, सोनल आडवाणी, नम्रता राजपाल, मीना पुरूस्वानी विशेष रूप से उपस्थित थे।

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