बंगाल में प्रशासनिक ‘सफाई’: शुभेंदु सरकार ने बोर्ड और PSUs के सभी नामित सदस्यों को हटाया; 60+ के पुनर्नियुक्त अधिकारियों की भी छुट्टी
बंगाल में प्रशासनिक ‘सफाई’: शुभेंदु सरकार ने बोर्ड और PSUs के सभी नामित सदस्यों को हटाया; 60+ के पुनर्नियुक्त अधिकारियों की भी छुट्टी। पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। पहली कैबिनेट बैठक के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने सभी गैर-वैधानिक निकायों, बोर्डों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
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बंगाल में प्रशासनिक ‘सफाई’: शुभेंदु सरकार ने बोर्ड और PSUs के सभी नामित सदस्यों को हटाया; 60+ के पुनर्नियुक्त अधिकारियों की भी छुट्टी
प्रशासनिक पुनर्गठन का बड़ा दांव
राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब उन सभी पदाधिकारियों को पद छोड़ना होगा जो पिछली सरकार द्वारा नामित आधार पर नियुक्त किए गए थे।
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पारदर्शिता का लक्ष्य: सूत्रों का कहना है कि सरकार इन निकायों और बोर्डों में पारदर्शिता लाना चाहती है और पिछली कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलना चाहती है।
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तत्काल प्रभाव: यह आदेश जारी होते ही सभी संबंधित विभागों और संस्थानों पर लागू हो गया है।
रिटायर्ड अधिकारियों पर गिरी गाज
सरकार ने केवल नामित सदस्यों को ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है जो 60 वर्ष की आयु पार करने के बाद ‘पुनर्नियुक्ति’ (Re-employment) या ‘सेवा विस्तार’ (Extension) पर काम कर रहे थे। आदेश में साफ किया गया है कि अब ऐसे किसी भी अधिकारी का एक्सटेंशन मान्य नहीं होगा।
पहली कैबिनेट के अन्य क्रांतिकारी फैसले
प्रशासनिक बदलाव के साथ-साथ शुभेंदु सरकार ने नीतिगत स्तर पर भी कई बड़े कदम उठाए हैं:
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BSF को जमीन: सीमा सुरक्षा बल को बॉर्डर पर जमीन सौंपने की प्रक्रिया को 45 दिनों में पूरा करने का डेडलाइन दिया गया है। सीएम ने कहा कि अब घुसपैठियों के बजाय देश की सुरक्षा प्राथमिकता होगी।
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आयुष्मान भारत: बंगाल अब आधिकारिक रूप से ‘आयुष्मान भारत’ योजना का हिस्सा बनेगा। पिछली सरकार ने इसे राज्य में लागू नहीं होने दिया था।
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केंद्रीय योजनाओं की वापसी: पीएम किसान बीमा, उज्ज्वला, पीएम श्री और विश्वकर्मा जैसी सभी केंद्रीय योजनाओं को राज्य में तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।








