भोपाल में बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश: ग्रामीणों के बैंक खाते किराए पर लेकर देशभर में करते थे फ्रॉड, 6% कमीशन का बड़ा खेल
मीदिया डॉक्टर ठगी कांड में बड़ा खुलासा: भोपाल में ग्रामीणों के बैंक खाते किराए पर लेकर चलता था साइबर फ्रॉड का गिरोह

भोपाल में बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश: ग्रामीणों के बैंक खाते किराए पर लेकर देशभर में करते थे फ्रॉड, 6% कमीशन का बड़ा खेल
भोपाल : हमीदिया अस्पताल की एक महिला डॉक्टर से ऑनलाइन गेमिंग लिंक के जरिए हुई साइबर ठगी की जांच में भोपाल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस जांच के दौरान देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें भोपाल में बैठकर ग्रामीणों के नाम पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाए जाते थे और उन्हें साइबर अपराधियों को किराए पर दिया जाता था।
रिमांड पर लिए गए आरोपियों से कड़ाई से की गई पूछताछ में इस पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है।
कैसे काम करता था ‘म्यूल अकाउंट’ का यह नेटवर्क?
पुलिस पूछताछ में सामने आए मुख्य तथ्य:
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ग्रामीणों के खातों का इस्तेमाल: गिरोह के सदस्य ग्रामीण इलाकों के लोगों को बहला-फुसलाकर उनके नाम से सैकड़ों फर्जी/किराए के बैंक खाते (Mule Accounts) खुलवाते थे।
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देशभर की ठगी का पैसा ट्रांसफ़र: इन खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा देशभर में लोगों से ठगी गई रकम को छिपाने और अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था।
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6% कमीशन का खेल:
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इस पूरे नेटवर्क को चला रहे मुख्य एजेंट प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर कुल 6% कमीशन वसूलते थे।
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इस 6% में से 3% कमीशन खाताधारक ग्रामीणों और स्थानीय एजेंटों में बांटा जाता था।
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बाकी का 3% कमीशन मुख्य एजेंट अपने पास रखता था।
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