प्रयागराज/नई दिल्ली, yashbharat.com। पाकिस्तान के कराची बंदरगाह (Karachi Port) पर पिछले करीब सात महीनों से 6 भारतीय जहाजकर्मी (नाविक) फंसे हुए हैं। परिजनों के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 से ही इन नाविकों का जहाज कराची पोर्ट पर रोक कर रखा गया है, जिसके बाद से वे वहां फंसे हुए हैं और भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
फंसे हुए नाविकों में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज निवासी विनीत किशोर मिश्रा भी शामिल हैं, जो संबंधित मर्चेंट नेवी जहाज पर चीफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।
पाकिस्तान के कराची पोर्ट पर बीते 7 महीनों से फंसे 6 भारतीय नाविक: प्रयागराज के विनीत मिश्रा भी शामिल; ईरान की शिपिंग कंपनी और पोर्ट प्रशासन के विवाद के कारण रोके गए जहाज
ईरानी कंपनी और कराची पोर्ट का विवाद बनी मुख्य वजह
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारतीय नाविकों के इस प्रकार फंसने की मुख्य वजह दो पक्षों के बीच चल रहा व्यावसायिक विवाद है:
विवाद का कारण: यह क्रू जिस जहाज पर तैनात है, उसका संचालन ईरान की एक शिपिंग कंपनी करती है।
जहाज को रोकने का कारण: ईरान की शिपिंग कंपनी और कराची पोर्ट ट्रस्ट (KPT) के अधिकारियों के बीच आपसी भुगतान व अन्य कानूनी विवाद के चलते जहाज को पोर्ट से निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
नाविकों की स्थिति: कंपनी और पोर्ट अधिकारियों के इस गतिरोध के बीच जहाज पर तैनात निर्दोष भारतीय क्रू मेंबर्स पिछले 7 महीनों से बंदरगाह पर ही कैद रहने को मजबूर हैं।
परिजनों ने लगाई सरकार से मदद की गुहार
प्रयागराज में रह रहे विनीत किशोर मिश्रा के परिवार और अन्य नाविकों के परिजनों में गहरा तनाव और चिंता का माहौल है:
17 अप्रैल से बंद: परिजनों ने बताया कि 17 अप्रैल 2026 को जहाज कराची पोर्ट पर पहुंचा था और तब से ही उसे वहीं रोक लिया गया।
वतन वापसी की अपील: परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय (MEA) और प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है, ताकि राजनयिक स्तर पर बात करके सभी 6 भारतीय नाविकों की सुरक्षित और जल्द वतन वापसी कराई जा सके।












