1964 में Article 370 के खिलाफ थी कांग्रेस पार्टी, इस पेपर कटिंग ने खोली पोल

09 08 2019 congress 19475893 m

नई दिल्ली, एजेंसी। मोदी सरकार द्वारा Article 370 को खत्म किए जाने के बाद कांग्रेस इसके विरोध में उतर आई है। हालांकि, पार्टी के कुछ नेता जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा लिए जाने के पक्ष में है, लेकिन गुलाम नबी आजाद जैसे पार्टी के बड़े नेता इसका पुरजोर विरोध कर रहे है। वहीं, यहां आपको ये बताना बेहद जरूरी है कि 1964 में कांग्रेस सरकार द्वारा Article 370 को खत्म किए जाने के लिए आवाज उठाई गई थी।
11 सितंबर, 1964 की एक पेपर कटिंग सामने आई है, जिसमें हेडलाइन है, ‘कश्मीर का विशेष दर्जा’ समाप्त होना चाहिए। कांग्रेस सांसदों द्वारा उस समय जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के लिए लाए गए प्रकाश वीर शास्त्री के निजी सदस्य बिल का समर्थन किया गया था। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कांग्रेस के एक सांसद के हनुमंथिया ने तत्कालीन गृह मंत्री से इस बिल को ‘लोकतंत्र की भावना’ (spirit of democracy) के तहत स्वीकार करने की अपील की थी।

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हालांकि, जब Article 370 को निरस्त करने से संबंधित उनके रुख पर कांग्रेस के भीतर विभाजन हो गया था। तब कांग्रेस के दिग्गज नेता महाराजा हरि सिंह के बेटे करण सिंह Article 370 के पक्ष में थे।

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने को बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की जनता को बधाई दिया है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35ए ने जम्मू कश्मीर को अलगाववाद, आतंकवाद, परिवारवाद और व्यवस्थाओं में बड़े पैमाने में फैले भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया। इन दोनों अनुच्छेद का देश के खिलाफ कुछ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए पाकिस्तान द्वारा एक शस्त्र की तरह उपयोग किया जा रहा था।

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