शनिचरी हरियाली अमावस्या पर ग्रहों का विशेष संयोग, शनि की कृपा होगी प्राप्त
धर्म डेक्स। सावन माह में पहला त्योहार 11 अगस्त को शनिचरी हरियाली अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा। इस बार शनिचरी हरियाली अमावस्या चतुग्रही योग में मनाई जाएगी। इस दिन कर्क राशि में सूर्य, बुध, चंद्र और राहु ग्रहों का एक साथ होने से चतुग्रही योग बना रहा है। वहीं शनिचरी हरियाली अमावस्या के दिन इस वर्ष का अंतिम सूर्यग्रहण भी प?ेगा हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके चलते इसका प्रभाव शनिचरी अमावस्या पर नहीं प?ेगा।
सावन का माह हरियाली और प्रकृति को समर्पित रहता है। इस समय चहुंओर हरियाली छाई रहती है। इसी के चलते सावन माह में हरियाली और प्रकृति के पूजन का विधान बनाया गया है, जिसके अनुसार सावन माह में शनिचरी हरियाली अमावस्या मनाई जाती है।
ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी बालाजीधाम वालों ने बताया कि इस वर्ष प्रकृति के साथ-साथ हरियाली अमावस्या पर ग्रहों का भी अच्छा संयोग बन रहा है। शनिचरी अमावस्या पर त्रिवेणी संयोग होने के साथ-साथ चतुग्रही योग भी बन रहा है। सूर्य, बुध, राहु व चंद्रमा कर्क राशि में रहेंगे वहीं मंगल केतु मकर राशि में रहेंगे जबकि शुक्र नीच राशि में रहेंगे। ग्रहों की यह गणना 11 अगस्त को सूर्यउदय के समय आश्लेष नक्षत्र के साथ रहेगी। हरियाली अमावस्या पर ग्रहों का यह संयोग शिव और शनि की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम है।
क्या करें इस दिन –
शनि से पी?ित व्यक्ति सरसों के तेल से भगवान शनि का अभिषेक करें इससे उन्हें स्वास्थ्य लाभ होगा वहीं शत्रुओं पर भी विजय मिलेगी।