वोटरों को लुभाने के लिए सीएम की तर्ज पर कांग्रेस भी करेगी पंचायत
भोपाल। मध्य प्रदेश में चुनावी साल है.सीएम शिवराज सिंह चौहान की तर्ज पर अब कांग्रेस भी वोटरों को लुभाने के लिए पंचायत का दांव खेल रही है.हर वर्ग तक पहुंचने के लिए अब पंचायत के जरिए कांग्रेस जनता के सामने अपना चुनावी विजन रखेगी.
बीते 14 साल से सत्ता से दूर कांग्रेस के लिए मिशन 2018 को पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं है.कांग्रेस के साथ उसके नेताओं की साख भी इस चुनाव में दांव पर लगी है.
कमलनाथ हो, दिग्विजय सिंह हो या फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया. सभी चुनाव को जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास चुनाव प्रचार समिति की जिम्मेदारी है. ज्योतिरादित्य सिंधिया युवा वोटर को कांग्रेस की तरफ खींचने की जबरदस्त ताकत रखते हैं.ऐसे में चुनाव का प्रचास किस ढंग से हो और कम समय में हर वोटर तक कैसे पहुंचा जा सके.इन सभी बिंदुओं पर सिंधिया ने कमर कस ली है. तैयारी पूरी है और सब की जिम्मेदारी भी लगभग तय कर दी गई हैं.
कांग्रेस पंचायत में जनता के सामने हर वर्ग की डिमांड को पूरा करने का ऐलान करेगी.बताया जा रहा है कि सिंधिया ने सभी वर्गों को साधने के लिए समिति से जुड़े लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी है. कम समय होने की वजह से कांग्रेस पंचायत के जरिए जनता तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. जनता के बीच कांग्रेस अपने चुनावी विजन को भी बताएगी.
देखा जाए तो कांग्रेस के टारगेट पर किसान और युवा है. ऐसे में उनकी डिमांड और उनकी जरूरत को चुनावी विजन बताकर पंचायत में रखा जाएगा. सिंधिया चुनाव प्रचास समिति का प्रारूप भी कुछ इसी फॉर्मेट में तैयार कर रहे हैं. बीजेपी जरूर कांग्रेस की इस पंचायती फॉर्मूले को एक चुनावी साजिश करार दे रही है.

