jabalpur

वहां गरीब चीख चीख कर फरियाद करते रहे कि हमें राजनीति नहीं रोटी दे दो, छपरा का मामला

जबलपुर। जबलपुर के चरगवां अंतर्गत ग्राम छपरा बिजौरी सुनवारा और उससे लगे अन्य सुबह से ही बारिश कहर बनकर बरपी। आलम यह है कि लोगों के घर से पानी उफान मारते हुए बहने लगा। जब तकलोग कुछ समझ पाते तब तक सबकुछ अस्त व्यस्त हो चुका था। घर में रखा अनाज, कपड़े खाने पीने की वस्तुएं खराब हो चुकी थीं।

लगातार बारिश के चलते गांव में हालात खराब हो गए हैं। आलम यह है कि गांव के 40 से 50 परिवार पूरी तरह से पानी से घिरे हुए हैं। लोगों के घरों में पानी भर गया है। जिससे जो कुछ ग्रामीणों के घर पर था सब कुछ बह गया। इतना ही नहीं बार बार जिला प्रशासन को सूचना दी गयी पर किसी ने ग्रामीणों की सुध तक नहीं ली।

जब मीडिया में जानकारी वायरल हुई तो अधिकारी हरकत में आए और 39 मकानों को चिन्हित कर पांच हजार रुपए रुपए की राशि देने की घोषणा की। वहीं इस मामले को सियासीजामा पहनाते हुए कांग्रेस और भाजपा अपनी अपनी चुनावी रोटी सेंकने गांव में पहुंचे और गांव वालों की नजर में शुभचिंतक बनने का नाटक शुरू कर दिया।

इसी बीच ग्राम बिजौरी से एक महिला का मकान बारिश की चपेट में आने से ढह गया जिससे उस महिला के पास न रहने का ठिकाना रहा और न ही दो वक्त की रोटी अब वो जाए तो जाये कहां लेकिन महिला सुभद्रा बाई अपने पांच दिन के बच्चे को लेकर हर जगह गुहार लगाती रही लेकिन जिम्मेदारों का न तो दिल पसीजा और न ही उनके कानों में जूं रेंगी।कई घंटे बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अपने एसी दफ्तरों में आराम फरमाते रहे ओर वहां गरीब चीख चीख कर फरियाद करते रहे कि हमें राजनीति नहीं रोटी दे दो। 

कांग्रेस ने किया चकाजाम
चुनावी समय होने के चलते राजनीति भी तेज हो गयी है। कांग्रेस नेता जितेन्द्र अवस्थी को खबर लगी तो वे अपने समर्थकों के साथ गांव पहुंच गए और मोटी चूर के लट्टू बांटते हुए चरगवां जबलपुर मार्ग में चकाजाम कर दिया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि ग्रामीणों को जिला प्रशासन से कुछ मदद नहीं मिली है

हालांकि मीडिया से जानकारी मिलने के बाद एसडीएम और तहसीलदार अपने लावलश्कर के साथ मौके पर पहुंचे ओर ग्रामीणों की मदद के लिए स्कूलों आंगनबाड़ी में रहने खाने का इंतजाम कराया। लेकिन प्रशासन द्वारा ऐसा कोई एलान नहीं किया गया जिससे ग्रामीणों का रह बसर हो सके।

ग्रामीणों की मानें तो जब गांव के लोगों ने नेताओं के साथ मिलकर चकाजाम कर दिया तो आनन फानन में तहसीलदार द्वारा पांच पांच हजार रुपए देने की घोषणा 39 मकानों मालिकों को की। लगातार हो रही बारिश से हालात ऐसे हो गए हैं कि घर में भरा पानी अपने बहाव में गृहस्थी के सामान के तक बहाकर ले जा रहा है। चरगवां के साथ साथ आसपास के कई गांवों में भी पानी भरने के समस्या उत्पन्न हो गयी है।

 

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