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लगता है कि विटनरी में भी लगी है आचार संहिता!

जबलपुर, यभाप्र। कुर्सी की लड़ाई कभी नेताओं के मध्य देखने को रोचक होती है परंतु यह कुर्सी का खेल विटनरी विश्वविद्यालय में ज्यादा देखने को मिल रहा है। रजिस्ट्रार पद को लेकर जिस प्रकार कल से बड़ा नाटकीय घटनाक्रम चला है उसको देखकर यह प्रतीत होता है कि विटनरी के उच्च पदाधिकारी लंबी कुंभकर्णीय नींद में सोये हुये हैं। दो अधिकारी जिस प्रकार से कुल सचिव पद को लेकर घमासान करते नजर आ रहे हैं उसको देखकर लगता है कि आने वाले वक्त में रजिस्ट्रार का कमरा रणभूमि का मैदान बन जाएगा और विटनरी के कुलपति हमेशा की तरह इस तरह भी चुप रहेंगे।
क्यूं नहीं छोडऩा चाहते पूर्व कुलसचिव अपनी कुर्सी : कुल सचिव प्रो. गोविंद पांडे कहते हैं कि मैं जब सुबह 10 बजे अपने कार्यालय पहुंचा तो डॉ. जोशी मेरी कुर्सी पर बैठे थे। फिर उन्होंने बताया कि जब मामला पुलिस व कोर्ट में है और जब तक इस पर निर्णय नहीं होगा, मैं अपना पद संभालूंगा।
वहीं डॉ. एस.के. जोशी कुछ अलग ही बात कहते हैं : मुझे शासन द्वारा निर्देश मिले हैं इसलिए मैंने पदभार ग्रहण किया है, रही बात कल के विवाद की तो मुझसे अच्छा मसाला आपको डॉ. पांडे दे देंगे।
आज आयेगा याचिका पर फैसला : डॉ. पांडे द्वारा दायर याचिका का फैसला आज शाम को 4 बजे आयेगा। जिसके बाद ही यह साफ होगा कि कुर्सी का हकदार कौन होगा।

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