आयकर रिटर्न की जानकारी नहीं देने से बुझ सकती है लालू की लालटेन
नेशनल डेस्कःचुनाव आयोग ने बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्टीय जनता दल (राजद) को वित्तीय वर्ष 2014-15 की आयकर रिर्टन की जानकारी ने देने पर नोटिस जारी किया है। जिसमें राजद को 20 दिन में रिपोर्ट दाखिल करने का वक्त दिया गया है। अगर राजद की ओर से तीन दिन में जवाब नहीं दिया जाता तो चुनाव आयोग पार्टी सिंबल जब्त कर सकता है।
चुनाव आयोग ने आरजेडी को जारी किया कारण बताओ नोटिस
चुनाव आयोग के नियमानुसार प्रत्येक राजनीतिक दल को हर वर्ष 31 अक्तूबर तक पार्टी की सालाना ऑडिट रिपोर्ट जमा करानी होती है। आयोग की ओर से राजद को जारी नोटिस में कहा गया है कि पार्टी ने 2014-15 की ऑडिट रिपोर्ट अब तक नहीं दी है। जिसकी अंतिम तारीख 31 अक्तूबर 2015 थी। इस आधार पर राजद को आयोग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर रहा कि क्यों न उनकी पार्टी के खिलाफ चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) के आदेश 1968 के पेराग्राफ 16ए के तहत कार्रवाई की जाए।
Election Commission issues notice to RJD over non-submission of audited annual accounts for financial year 2014-15, seeks detailed reasons for default within 20 days.
बता दें कि ऑडिट का उल्लंघन करने में आयोग को किसी भी मान्यता प्राप्त दल की मान्यता को रद्द करने का अधिकार प्राप्त है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सभी राजनीतिक दलों को तय वक्त के भीतर चुनाव आयोग के समक्ष अपनी वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट पेश करना जरूरी है। देश में 7 राष्ट्रीय दलों समेत 49 राज्यस्तरीय मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय दल भी है। वैसे कांग्रेस बीजेपी जैसी पार्टियां भी आयकर रिटर्न भरने में कुछ महीनों की देरी करती हैं जिसे लेकर चुनाव सुधार से जुड़े कार्यकर्ता सवाल उठाते रहे हैं।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “अमूमन पार्टियां 4 से 6 महीने की देरी कर रही हैं लेकिन आयोग राजनीतिक दलों को अपना पक्ष रखने का मौका देता है। हमने अभी 2014-15 के रिटर्न की जानकारी न देने वालों को ही नोटिस दिया है। बाकी पार्टियों को हमने रिमाइंडर भेजे हैं।