मध्यप्रदेश में नवरात्रि में बारिश के आसार, लगातार बढ़ रहा तापमान

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भोपाल। अरब सागर में उठा तूफान अब अति कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर ओमान की तरफ बढ़ गया है। इसके असर से मप्र में आंधी-पानी होने के आसार तो कम हैं। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के दखल से 15-16 अक्टूबर को राजधानी सहित पश्चिमी मप्र में बारिश होने की संभावना है। उधर, बादल छंटने के बाद बढ़ रहे दिन के तापमान ने बेचैनी बढ़ा दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पिछले दिनों अरब सागर में ऊपरी हवा का चक्रवात बना था। यह सिस्टम रविवार शाम को अति कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया गया है। साथ ही इसका रुख अरब सागर से ओमान की तरफ हो गया है।

अगले 24 घंटे में इस तूफान के ओमान के और नजदीक पहुंचने की संभावना है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एसके डे ने बताया कि इस तूफान का नामकरण लुबान किया जाएगा। हालांकि, तूफान का रुख स्पष्ट होने से अब इसके असर से मप्र में आंधी-पानी का खतरा टल गया है।

मानसून विदा, गरज-चमक की स्थिति बनती रहेगी

एसके डे के मुताबिक मानसून प्रदेश से विदा हो चुका है, लेकिन वातावरण में नमी बरकरार रहने के साथ ही तापमान बढ़ा हुआ है। इस वजह से राजधानी में दोपहर के बाद आसमान पर आंशिक बादल बन जाते हैं। इस वजह से गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की संभावना भी बनी रहती है।

उन्होंने बताया कि आसमान साफ होने के साथ ही करीब 11 घंटे तक सूर्य की किरणें लगातार पड़ती रहने से दिन का तापमान बढ़ा हुआ है। इसी क्रम में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 34.0 डिग्रीसे. दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से एक डिग्रीसे. अधिक रहा।

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उधर, बादल नहीं होने के कारण रात के समय हल्की ठंडक का अहसास भी होने लगा है। एसके डे ने बताया कि अगले कुछ दिनों में एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-काश्मीर में दखल देगा। उसके प्रभाव से राजस्थान में एक प्रेरित कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। उसके प्रभाव से 15-16 अक्टूबर को राजधानी सहित पश्चिमी मप्र में कई स्थानों पर हल्की बरसात होने के आसार हैं।