आशीष शुक्ला…
जबलपुर, यशभारत। कोविड -19 से संक्रमितों की बढ़ती संख्या भयावता और भविष्य के खतरे का संकेत दे रही है।
अगस्त के बाद सितम्बर का महीने में भी कोरोना कहर बरपा रहा है। प्रशासन ने जैसे ही जाँच बढ़ाई है, प्रतिदिन के मरीजों की संख्या 2 सौ पार कर गई है। अब तो इस महामारी से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है कि घर में ही रहो और अगर आने वाले समय में लोगों ने आत्मसंयम का रास्ता नहीं अपनाया तो यह कोरोना विस्फोट कहर ढा देगा।
कोरोना संक्रमण के संबंध में जारी गाइड लाइन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने में लोगों द्वारा बरती जा रही लापरवाही अब भारी पड़ती दिख रही है।
इसी लापरवाही के चलते पिछले कुछ दिनों से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कोरोना के संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। मौतों का आंकड़ा भी डरा रहा है।
सोमवार को 8 कोरोना पाजिटिव को मौत हुई। प्राप्त हुई रिपोर्ट को मिलाकर जबलपुर में कोरोना से अभी तक 138 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है ।
आलम यह है कि मुक्तिधामों में जगह कम पडऩे लगी है। दफनाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। आज जो मौतों की जानकारी मिली है उसमें आज 9 पाजिटिव, कुछ संदिग्ध भी शामिल हैं।
मृतकों की सूची इस प्रकार है इमरतलाल मेहरा (66), कन्हैयालाल (73), कविन्द्र कुमार (61), महेन्द्र अवधिया (65), राजेन्द्र पाठक (60) ये सभी मृतक पॉजिटिव हैं।
इनके अलावा तीन अन्य पॉजिटिवों के नामोंकी जानकारी नहीं मिल पायी है। जबकि सस्पेक्टेड मृतकों में अशोक मिश्रा (64), कोमल सतनामी (50), पवन विश्वकर्मा और शशिकला यादव शामिल हैं। कुल 11 लोगों की मौतें आज हुई हैं। इनमें कन्हैया लाल बस नरसिंहपुर का है बाकि सब जबलपुर के हैं।














