जबलपुर नगर प्रतिनिधि। वेटरनरी विश्वविद्यालय में कुलसचिव के आरोपों की कतार रुकने का नाम नहीं ले रही है कुलपति वहां कुलसचिव के मध्य विवाद इतना बढ़ गया है कि प्रबंधक मंडल के सदस्य को विश्व विद्यालय की वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्वयं व्यवहार को शांत कराने के लिए सामने आना पड़ा । जैसा कि रोज नए व्यवहार से प्रशासनिक स्तर पर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हो रही थी जिसके चलते प्रबंधन मंडल के सदस्य प्रभाव एवं विश्व विद्यालय पहुंचे और उनके द्वारा एक आवश्यक बैठक बुलाई गई। परंतु प्रबंधक मंडल के सदस्य ने आरोप लगाया कि कुलपति जी की हठधर्मिता समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है वे स्वयं बैठक में ही नहीं आए उनके पास शिकायत सुनने का भी समय हम लोग के लिए नहीं है
क्या कहना है कुलपति का. डॉक्टर पांडे 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कारभार से मुक्त किए गए है।
नियमानुसार आदेश
डॉ पांडे को कार्यभार से मुक्त करने का निर्णय पशुपालन विभाग के उप सचिव मध्य प्रदेश शासन के पत्र क्रमांक 12 .2 ध्ध्2017 ध् 35 दिनांक 9ध्10ध्2018 तारतम्य में लिया गया है। कुलपति के आदेशानुसार डॉक्टर पांडे को पद मुक्त होने के लिए शासन के निर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से विशेष कर्तव्य अधिकारी वेटरनरी विश्वविद्यालय को सौंपने के लिए आदेश किया गया। मध्य प्रदेश पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 की धारा के अनुसार कुल सचिव का पद प्रशासकीय है जिस की अधिकतम आयु 62 वर्ष है
निष्क्रिय रवैया है जारी.प्रबंधक मंडल सदस्य
अनुसंधान विभाग हो या फेल विभिन्न प्रकार की प्रचार प्रसार की की योजनाएं सभी में भ्रष्टाचार व्याप्त है क्यों कुलपति महोदय किसी भी बात का कोई जवाब नहीं देते और इतनी संवेदनशील घटनाओं की बैठकों से अपने आप को दूर कर लेते हैं यह सोचनीय विषय है।
ना कहीं विश्वविद्यालय के प्रशासन की छवि धूमिल हो रही जिसके चलते
विवाह को शांत करने हेतु मेरे द्वारा कार्य परिषद सदस्य की एक बैठक
बुलाई गई जिस में कुलपति को भी आमंत्रित किया गया था परंतु उन्होंने इस
बैठक को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया और अपने तानाशाही रवैया के चलते वह बैठक
से अनुपस्थित थे जोकि अत्यंत निंदनीय है कई छात्र संगठनों द्वारा भी विश्वविद्यालय
के संबंध में कई प्रकार की शिकायतें मुझे दी गई है जिसमें मेरे द्वारा जल्द से जल्द बैठक में बात रखे कार्यवाही की बात की जाएगी
प्रभात दुबे, प्रबंधक मंडल सदस्य
जिस प्रकार से प्रशासनिक षडयंत्र करके मुझे कुल सचिव के पद से मुक्त
करने का प्रयास किया जा रहा है वह अत्यंत निंदनीय है कुलपति महोदय
लगातार मुझे मेरे पद से विमुक्त करने के चक्कर में लगे हुए हैं जिसके चलते
वह विभिन्न प्रकार के प्रशासनिक नियमों का हवाला दे रहे हैं मेरे द्वारा हाईकोर्ट
में अपील की गई है जिसके बाद ही मैं आपसे कुछ कह पाऊं गा
डॉ पांडे, कुलसचिव

