पिछली सुनवाई के दौरान जस्टिस दया चौधरी की कोर्ट में CBI के वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध किया था.

बता दें कि सात साल के मासूम प्रिंस की हत्या के 8 महीने बाद गुरुग्राम सेशन कोर्ट ने 21 मई को फैसला दिया था कि 16 वर्षीय आरोपी भोलू को बालिग मानकर उसके खिलाफ केस चलाया है. इसके अलावा कोर्ट ने इस मामले में तीनों याचिकाओं को खारिज कर दिया है.
कोर्ट में तीन याचिकाएं दायर की गई थीं जिसमें पहली याचिका आरोपी को बालिग या नाबालिग मानकर फैसला सुनाने, दूसरी आरोपी के फिंगर प्रिंट और तीसरी सीबीआई की ओर से आरोपी से ज्यादा पूछताछ करने को लेकर थी. ये तीनों याचिकाएं आरोपी पक्ष ने सेशन कोर्ट में डाली थी जिन पर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इसे खारिज कर दिया था.























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