Saturday, May 16, 2026
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तीन तलाक बिल पर लगी मुहर, अध्यादेश पर राष्‍ट्रपति ने किए दस्‍तखत

नई दिल्ली। तीन तलाक के अध्‍यादेश पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दस्‍तखत कर दिए हैं। ट्रिपल तलाक को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने तीन तलाक को लेकर अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

यह अध्यादेश अगले 6 महीने तक कानून के रूप में लागू रहेगा और उसके बाद केंद्र सरकार को फिर से राज्यसभा में तीन तालक बिल को मंजूर करवाने के लिए लाना होगा। बता दें कि लोकसभा में पारित होने के बाद ट्रिपल तलाक बिल पिछले दो सत्रों से राज्यसभा में ही अटका हुआ है।

 बता दें कि कैबिनेट ने उसी बिल को लेकर अध्यादेश जारी किया है जो फिलहाल राज्यसभा में लंबित है। मोदी सरकार के इस कदम का मुस्लिम महिलाओं और तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाले संगठनों ने स्वागत किया है। वहीं 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले सरकार के इस कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधेयक में तीन संशोधन

विधेयक में जो तीन संशोधन किए गए हैं उसके तहत तत्काल तीन तलाक के मामले में जमानत देने का प्रावधान किया गया है।

साथ ही समझौते का रास्ता खोल दिया गया है। यही नहीं, तत्काल तीन तलाक की शिकायत करने का अधिकार पत्नी या उसके रक्त संबंधी तक सीमित कर दिया गया है।

एक साथ तीन तलाक के मुद्दे पर भाजपा से सहमत नहीं जदयू

क साथ तीन तलाक के मसले पर जारी हुए अध्यादेश से जदयू सहमत नहीं है। पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि इस मसले पर हमारी राय भाजपा से भिन्न है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि इस मसले को अल्पसंख्यक समुदाय पर ही छोड़ देना चाहिए।

अल्पसंख्यक समुदाय खुद ही इस मसले का हल निकालेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की इस विषय पर यह कोई नई राय नहीं है। हम समता पार्टी के समय 1988 से ही अपने इस स्टैंड पर कायम हैं। 2016 में जदयू ने विधि आयोग को पत्र लिखकर भी अपने इस स्टैंड से अवगत करा दिया था।

एक साथ तीन तलाक पर केंद्रीय कैबिनेट के फैसले का इशरत ने किया स्वागत

एक साथ तीन तलाक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले का इशरत जहां ने स्वागत किया है। इशरत एक साथ तीन तलाक के खिलाफ मामला दायर करने वाली पांच याचिकाकर्ताओं में से एक हैं। इशरत ने कहा कि देश में मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्रीय कैबिनेट का यह बड़ा कदम है।

इशरत जहां हावड़ा की रहने वाली हैं। 2014 में दुबई से पति ने लगातार तीन बार “तलाक” कहकर इशरत से संबंध तोड़ लिया था। इसके खिलाफ इशरत सुप्रीम कोर्ट गई थी। उनकी 13 वर्षीय बेटी और सात वर्षीय बेटा है। पिछले साल 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया था।

अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने बड़ी जीत बताया 

एक साथ तीन तलाक पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले को अधिवक्ता नाजिया इलाही खान ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकार की लड़ाई की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले का वह स्वागत करती हैं।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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