ट्रक-बस हड़ताल से उद्योग नगरी कैमोर की थम गई थी रफ़्तार, करोड़ों के कारोबार पर असर, आम जन भी रहे परेशान
कैमोर, (राजा दुबे) लगातार तीन दिनों तक चली ट्रक- बस हड़ताल का उद्योग नगरी कैमोर में व्यापक असर रहा। जहां ट्रक, डंपर, हाइवा, बल्कर जैसे मालवाहक वाहनों के पहिये थम जाने से उद्योग और व्यापार जगत को काफी नुकसान उठाना पड़ा वहीं यात्री वाहन नहीं चलने से आमजन भी खासे परेशान हुए। तीन दिन बाद हड़ताल ख़त्म हो जाने पर अब लोगों ने राहत की सांस ली है।
केन्द्र सरकार द्वारा कानून में कुछ बदलाव किया गया
गौरतलब है कि हिट एंड रन जैसे सड़क हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा कानून में कुछ बदलाव किया गया है। दोषी पाए जाने पर 5 की जगह 10 वर्ष की सजा के साथ जुर्माने की राशि भी लाखों में कर दी गई है। बीते साल के अंतिम दिनों में यह कानून दोनों सदनों में पारित हो गया।
कानून के बाद तो चालक वाहन चला ही नहीं पाएंगे
इस कानून के बनते ही वाहन चालक इसका विरोध जताने लगे। वाहन चालकों का कहना था कि कई बार सड़क हादसों में बड़े वाहनों की कोई चूक नहीं होती फिर भी उन्हें दोषी मानकर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया जाता है। इस कानून के बाद तो वे वाहन चला ही नहीं पाएंगे। दुर्घटना के दौरान कई बार आक्रोशित लोग ड्राइवर की बेरहम पिटाई करते हैं, वाहन में आग लगा देते है इन सब से बचने के लिए ड्राइवर को दुर्घटना स्थल से भागना पड़ता है। आत्मरक्षा के लिए उठाए जाने वाले इस कदम को नए कानून में अपराध माना गया है। ट्रांसपोर्ट संचालकों ने भी ड्राइवरों को कानून के विरोध के लिए प्रेरित किया जिसके चलते इनके संगठनों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान कर दिया।