जयललिता की सीट पर निर्दलीय दिनाकरन का कब्जा
चेन्नई: तमिलनाडु की आरके नगर विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार और शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण ने जीत हासिल कर ली है। इस सीट से स्वर्गीय मुख्यमंत्री जयललिता चुनाव लड़ा करती थीं।
इसके चलते देशभर की निगाहें इस सीट पर टिकी हुई थीं। दिनाकरण को 86472 वोट मिले, जबकि AIADMK के ई. मधुसूदन को 47115 वोट मिले, वहीं DMK के प्रत्याशी को सिर्फ 24078 वोट मिले।
प्रफुल्लित दिनाकरण ने मदुरै में कहा, ‘‘हम सच्चे अन्नाद्रमुक हैं, आर के नगर के लोगों ने अम्मा के उत्तराधिकारी का चुनाव किया है।’’ उन्होंने मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की अगुवाई वाली अन्नाद्रमुक सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि बढ़ता अंतर दर्शाता है कि लोग सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों जैसे अविनाशी, अरुमनाई में मेरे दौरे के दौरान लोगों ने कहा कि प्रेशक कुकर (उनका चुनाव निशान) जीतेगा। वे सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।’’ जीत का दावा करते हुए बागी नेता ने कहा कि यह पार्टी संस्थापक रामचंद्रन (एमजीआर) की 30 वीं पुण्यतिथि पर ‘‘1.5 करोड़ पार्टी समर्थकों के लिए सबसे अच्छी सौगात है।’’

चुनाव आयोग द्वारा पलानीस्वामी गुट को चुनाव आयोग द्वारा अन्नाद्रमुक का चुनाव निशान देने के संबंध में दिनाकरण ने कहा, ‘‘हम सच्चे अन्नाद्रमुक हैं। उम्मीदवार निशान तय करता है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि दो पत्ती निशान तभी सफल निशान होगा जब यह पुरची थलैइवी (एमजीआर)और अम्मा (जयललिता) के साथ होगा। यदि यह एन एन नाम्बियार और पी एस वीरप्पा को दे दिया तो क्या लोग उसे वोट करेंगे।’’ नाम्बियार और वीरप्पा बीते जमाने के खलनायक रहे हैं। जब एमजीआर बड़े पर्दे के हीरो होते थे तब वे खलनायक होते हैं। दिनाकरण ने कहा कि पलानीस्वामी सरकार तीन महीने में गिर जाएगी। बाद में वह चेन्नई लौटे जहां हवाई अड्डे पर उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

