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जबलपुर में ‘स्वामित्व योजना’ का रास्ता साफ: ग्रामीणों को गांव में ही मिलेगी मुफ्त पक्की रजिस्ट्री, तहसीलदार बने उपपंजीयक

जबलपुर में ‘स्वामित्व योजना’ का रास्ता साफ: ग्रामीणों को गांव में ही मिलेगी मुफ्त पक्की रजिस्ट्री, तहसीलदार बने उपपंजीयक

जबलपुर। जबलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में अपनी जमीन या मकान पर वर्षों से काबिज ग्रामीणों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत अब ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी मालिकाना हक देने वाला पंजीकृत दस्तावेज (पक्की रजिस्ट्री) बिल्कुल निशुल्क प्रदान किया जाएगा।

इसके लिए ग्रामीणों को अब तहसील कार्यालयों या पंजीयक दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन ने प्रक्रिया को सरल बनाते हुए तहसीलदार और नायब तहसीलदार को ही उपपंजीयक (Sub-Registrar) के अधिकार सौंप दिए हैं, जिससे गांव-गांव में शिविर लगाकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया रहेगी पूरी तरह निशुल्क

योजना के तहत पंजीयन से जुड़ा सारा खर्च शासन खुद वहन करेगा:

  • शून्य शुल्क: निर्धारित स्टाम्प शुल्क, पंचायत उपकर और पंजीयन संबंधी सभी खर्च सरकार देगी। ग्रामीणों को किसी भी व्यक्ति को कोई शुल्क देने की जरूरत नहीं है।

  • वित्तीय लाभ व सुरक्षा: यह पंजीकृत दस्तावेज ग्रामीणों के लिए कानूनी अधिकार का मजबूत प्रमाण बनेगा। इसके जरिए वे संपत्ति पर बैंक से आसानी से लोन ले सकेंगे और जमीन-मकान से जुड़े आपसी विवादों पर भी विराम लगेगा।

आवेदन से पहले ध्यान रखें ये 4 जरूरी बातें

  1. ई-केवाईसी: भूस्वामी का समग्र पोर्टल पर पंजीयन और आधार ई-केवाईसी (e-KYC) होना अनिवार्य है।

  2. लिंक मोबाइल नंबर: समग्र और आधार से एक्टिव मोबाइल नंबर लिंक होना चाहिए।

  3. गवाह की औपचारिकता: गवाह की आवश्यकता पड़ने पर गवाह का भी समग्र पंजीयन और आधार ई-केवाईसी होना जरूरी है।

  4. भू-अभिलेख में नाम: सुनिश्चित करें कि संपत्ति का विवरण भू-अभिलेख रिकॉर्ड में दर्ज हो।

कैसे होगी पंजीयन की प्रक्रिया? (स्टेप-बाय-स्टेप)

[MPE-Seva App / शिविर में आवेदन] 
          ↓
[पटवारी द्वारा SAARA App से सत्यापन] 
          ↓
[तहसीलदार द्वारा Sampada App से डिजिटल पंजीयन]
  • स्टेप 1 (आवेदन): ग्रामीण स्वयं MPE-Seva ऐप से आवेदन कर सकते हैं। असमर्थ होने पर गांव में लगने वाले शिविरों में पटवारी उनकी मदद करेंगे।

  • स्टेप 2 (वेरिफिकेशन): पटवारी SAARA App के जरिए दस्तावेजों और जमीन का डिजिटल सत्यापन करेंगे।

  • स्टेप 3 (रजिस्ट्री): सत्यापन पूरा होते ही मामला तहसीलदार के पास जाएगा, जो Sampada App के माध्यम से निशुल्क स्वामित्व दस्तावेज पंजीकृत (Register) कर देंगे।

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