न्यूज डेस्क। दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम में एनएसजी के रिटायर्ड कमांडो ने मानेसर के पास कासन गांव के मौजूदा सरपंच को गोलियों से भून दिया जिससे सरपंच ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया. हालांकि हत्या के बाद रिटायर्ड कमांडो ने खुद पुलिस थाने जाकर अपने आप को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया.
दरअसल बुधवार शाम करीब साढे आठ बजे मानेसर के पास कासन गांव के सरपंच बहादुर सिंह अपनी डेयरी पर थे तभी वहां उनके ही गांव का रहने वाला पूर्व एनएसजी कमांडो सुंदर वहां आया और आते ही अपनी लाइसेंसी पिस्टल से सरपंच बहादुर सिंह पर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरु कर दी. जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक सुंदर ने पूरी मैगजीन खाली कर दी.
ग्रामीणों की माने तो सरपंच बहादुर भी फौज से ही रिटायर्ड था इसीलिए सरपंच और सुंदर में गहरी दोस्ती थी. लेकिन अचानक सुंदर के ऐसे कदम से हर कोई हैरान है. घायल सरपंच बहादुर सिंह को तुरंत मानेसर के रॉकलैंड अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर्स ने सरपंच को मृत घोषित कर दिया.
सरंपच को गोलियों से भूनने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई. सरपंच की हत्या की खबर सुनते ही कासन गांव के सैंकड़ो लोग रॉकलैंड अस्पताल पहुंच गए. सरपंच की हत्या के बाद ग्रामीण उग्र ना हो जाए इसीलिए पुलिस ने भी एतिहातन अस्पताल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया.
वारदात की सूचना के बाद गुरुग्राम पुलिस के डीसीपी, एसीपी समेत करीब आधा दर्जन थानों के एसएचओ मौके पर पहुंचे. शुरुआती जांच में पता चला है कि सरपंच को करीब 9 गोलियां लगी है लेकिन पूरी संख्या पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो पाएगी.

