कोरोना काल में आए एक दिन नही, 50 लाख रुपये के भुगतान की दूसरी किश्त चाहिए
जबलपुर। रदुविवी श्रमश्रम साध्य भत्ते के भुगतान को लेकर एक बार फिर चर्चा है। 50 लाख रुपये के भुगतान की दूसरी किश्त कर्मचारी लेना चाह रहे हैं जबकि कोरोना संक्रमण के लिए प्रशासन ने इसमें शर्त रखी कि इसके अलावा अन्य भत्ते देय नहीं होंगे।
इतना ही नहीं जब उन्हें कार्य के अतिरिक्त बुलाया जाएगा तो उन्हें आना होगा। जबकि कई कर्मी प्रशासन के तय नियम के मुताबिक कार्य पर हाजिर भी नहीं हो रहे हैं।
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..युनिवर्सिटी पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रही है। ऐसे में गैर जरूरी खर्च को पहले ही शासन स्तर पर टालने का निर्देश है लेकिन प्रशासनिक साठगांठ के जरिए अपने-अपने हितों से जुड़े कार्य प्राथमिकता से करवाये जा रहे हैं।
तृतीय श्रेणी कर्मियों को 25 हजार और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 15 हजार रुपये भत्ता देना तय हुआ। विगत मई 2019 में इस संबंध में आदेश जारी हुए थे। इससे पहले परीक्षा विभाग में काम करने वाले कर्मियों को ही प्रशासन कुछ अंश वितरित करता था।
परीक्षा भी निरस्त :
कोरोना संक्रमण के बीच शासन ने परीक्षा निरस्त कर जनरल प्रमोशन का लाभ विद्यार्थियों को दिया है ऐसे में परीक्षा से होने वाली आय पर कटौती होना तय है। युनिवर्सिटी की बड़ी आय का हिस्सा इसी से है। ऐसे में जाहिर है प्रशासन खर्च में कटौती करे।
इनका कहना
युनिवर्सिटी प्रशासन पूरी तरह से जरूरी खर्च के लिए मंजूरी दे रही है। नियम कायदों के तहत ही हर काम किया जा रहा है। श्रमसाध्य भत्ते को लेकर प्रशासनिक बैठक में निर्णय होगा।
दीपेश मिश्रा
कुलसचिव,रदुविवी

