jabalpur

कलेक्टर ने की कॉसमॉस स्कूल की मान्यता समाप्त

मीजल्स-रूबेला अभियान में असहयोग पर कलेक्टर ने की
कॉसमॉस स्कूल की मान्यता समाप्त
एमजीएम स्कूल की मान्यता हेतु जारी अनापत्ति को समाप्त करने
प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को भेजा प्रस्ताव
जबलपुर, । मीजल्स-रूबेला अभियान में बच्चों को टीके लगाने के कार्य में असहयोग करने पर कलेक्टर श्रीमती छवि भारद्वाज ने एक निजी शैक्षणिक संस्थान मदन महल स्थित कॉसमॉस प्री एण्ड जूनियर स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी है वहीं एक अन्य निजी शैक्षणिक संस्था हाथीताल स्थित एमजीएम हायर सेकेण्डरी स्कूल की आईसीएसई बोर्ड से मान्यता हेतु राज्य शासन द्वारा दिये गये अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की कार्यवाही का प्रस्ताव प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को भेजा है । दोनों निजी शैक्षणिक संस्थाओं के विरूद्ध यह कार्यवाही मीजल्स-रूबेला अभियान के तहत इन स्कूलों में गये टीकाकरण दल को बच्चों को एम आर का टीका लगाने से मना कर शासन के निर्देशों की अवहेलना करने तथा मान्यता की शर्तों का उल्लंघन करने पर की गई है । इन निजी स्कूलों की मान्यता रद्द करने का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्राप्त सूचना के आधार पर कलेक्टर को प्रस्तुत किया गया था । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस बारे में अपने पत्र में इन स्कूलों द्वारा मीजल्स-रूबेला अभियान के प्रति असहयोगात्मक रवैये का उल्लेख किया था तथा इनके द्वारा भारत सरकार के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करने की बात कही गई थी । कलेक्टर ने कॉसमॉस प्री एण्ड जूनियर स्कूल की मान्यता समाप्त करने के जारी आदेश में कहा है कि मीजल्स-रूबेला अभियान में बच्चों को टीके लगाने में असहयोग कर संस्था ने मान्यता की शर्तों का उल्लंघन किया है । जबकि संस्था को नर्सरी से पांचवीं कक्षा तक की मान्यता इसी शर्त पर दी गई थी कि वह राज्य शासन एवं स्थानीय प्राधिकारी के अनुदेशों तथा मान्यता के नियमों एवं उपबंधों का पालन करेगा । कलेक्टर श्रीमती भारद्वाज ने हाथीताल स्थित एमजीएम हायर सेकेण्डरी स्कूल की आईसीएसई बोर्ड से मान्यता हेतु राज्य शासन द्वारा जारी की गई अनापत्ति प्रमाण पत्र को रद्द करने के प्रमुख सचिव को भेजे प्रस्ताव में भी इन्हीं कारणों का उल्लेख किया है । उन्होंने प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा को भेजे गये पत्र में इस संस्था के मीजल्स-रूबेला अभियान के प्रति असहयोगात्मक रवैये का जिक्र करते हुए कहा कि संस्था द्वारा अभियान के तहत बच्चों को एम आर के टीके लगाने गये दल को कोई सहयोग नहीं दिया गया बल्कि शाला प्रबंधन द्वारा बच्चों को टीके लगाने से ही मना कर दिया गया था । उन्होंने पत्र में राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशों की अवहेलना तथा राष्ट्रीय महत्व के स्वास्थ्य कार्यक्रम में अनावश्यक व्यवधान पैदा करने के लिए आईसीएसई बोर्ड की मान्यता हेतु राज्य शासन द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त कर इस शैक्षणिक संस्था की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही करने का अनुरोध प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा से किया है ।
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