एमपी में ‘राम भरोसे’ बीजेपी और कांग्रेस, किसका होगा बेड़ा पार

नेशनल डेस्क। गुजरात, कर्नाटक चुनाव के बाद कांग्रेस अब मध्यप्रदेश में भी अपने हिंदूवादी कार्ड से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. वहीं भाजपा अपनी ओरिजनल हिंदूवादी छवि को चमकाने में लग गई है.
असल मुद्दा हिंदू छवि गढ़ने का
गुजरात, कर्नाटक चुनाव के बाद कांग्रेस अब मध्यप्रदेश में भी अपने हिंदूवादी कार्ड से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. वहीं भाजपा अपनी ऑरिजनल हिंदूवादी छवि को चमकाने में लग गई है और निश्चित ही भगवान राम इसके केंद्र में हैं. विकास, किसानों का असंतोष, दलित सबकुछ सतह के उपर के मुद्दे बन गए हैं. असल मुद्दा मजबूत हिंदूवादी छवि गढ़कर चुनाव जीतने का है. आश्चर्यजनक है कि जहां आर्थिक तौर पर सुस्ती का आलम बताया जाता है, वहीं करोड़ों रुपये कथा, प्रवचन, भोजन भंडारे पर खर्च हो रहे हैं.
राम मंदिर से एकता यात्रा
नर्मदा यात्रा से अपनी सॉफ्ट हिंदूवादी छवि बना चुके कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ओरछा के राम राजा मंदिर से कांग्रेस की एकता यात्रा गुरुवार से शुरू कर रहे हैं. यह ऐतिहासिक मंदिर महल में हैं. यहां राम को राजा माना जाता है. पांच सौ साल पहले यहां की रानी अयोध्या से भगवान राम की प्रतिमा लेकर आई थी. पूरे बुंदेलखंड में इसकी खास मान्यता है.
दिग्विजय सिंह रामजी का आशीर्वाद लेकर बुंदेलखंड से ही कांग्रेस की एकता यात्रा शुरू कर रहे हैं. यह पूरा इलाका उनकी नर्मदा यात्रा में अछूता रह गया था. सिंह के करीबी कहते हैं कि यह वोट का नहीं आस्था का मामला है. सिंह के इष्ट देव भगवान राम हैं. कभी उनके परिवार की रियासत रही राघौगढ़ भी भगवान राम के नाम पर जानी जाती है.
छिंदवाड़ा में मुरारी बापू कथा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ प्रभार लेने से पहले अपने संसदीय क्षेत्र छिंदवाड़ा में 101 फीट उंची भगवान हनुमान की प्रतिमा का लोकापर्ण कर मुरारी बापू की रामकथा का भव्य आयोजन कर चुके हैं. वे दावा करते हैं कि इसका राजनीति से लेना देना नहीं है. यह व्यक्तिगत आस्था का सवाल है, और हनुमानजी उनके इष्ट हैं. लेकिन प्रदेश की राजनीति में इस आयोजन को कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदू वादी छवि से जोड़कर देखा जा रहा है.
महाकाल के पूजन से शुरुआत
कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा कर अपनी परिवर्तन यात्रा की शुरूआत की. ग्वालियर में शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती से आशीर्वाद लिया. सिंधिया के नजदीकी कहते हैं कि नियमित पूजा पाठ करते हैं, मंदिर उनकी नियमित जीवन शैली का हिस्सा है.
देवी जागरण शोभायात्रा
भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल कोठारी भोपाल से टिकट के दावेदार हैं, और हाल ही में नवरात्री पर देवी जागरण, जैसे आयोजन, हनुमान जयंती पर शोभायात्राओं में शिरकत कर अपनी दावेदारी को मजबूती दे रहे हैं. कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह पूर्व अध्यक्ष अरूण यादव अपनी न्याय यात्रा में राम मंदिर, हनुमान मंदिर, और साधु संतों की परिक्रमा करते नियमित दिखाई दिए हैं.
कथा के साथ खाना उपहार
इंदौर मालवा तो जैसे धार्मिक आयोजनों और भोजन भंडारों का गढ़ बना हुआ है. भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने क्षेत्र महू में भव्य रामकथा, भागवत प्रवचन के भव्य आयोजन करते ही रहते हैं. वहीं विधायक रमेश मेंदोला अपने विधानसभा क्षेत्र के अलावा अपने राजनीतिक विरोधियों के क्षेत्र में भी कथा, भंडारों में सक्रिय रहते हैं. कांग्रेस नेता और टिकट के दावेदार संजय शुक्ला ने करोड़ो रुपए खर्च कर कथा करवाई, जिसमे आमंत्रण पत्र के साथ घर घर जाकर साड़ियां बांटी गई.
रोजगार भी रामजी के नाम पर
पूर्व मंत्री के बेटे अनुरोध जैन जो चुनावी तैयारी कर रहे हैं, उन्होंने तो रामायण दर्शन से युवाओं का रोजगार कार्यक्रम शुरू किया हुआ है. भाजपा विधायक सुदर्शन गुप्ता चुनरी यात्रा जैसे भव्य आयोजनों से अपनी राजनीति को मजबूत करते आए हैं. शहर ही नहीं ठेठ आदिवासी इलाकों , गांवों में भी साधु संतों को बुलाकर रामकथा, भागवत जैसे सैकड़ों आयोजन चल रहे है.








