jabalpur

अब पता लगाते घूम रहे कि कहीं एफ.आई.आर. में हमारा नाम तो नहीं ?

जबलपुर। पिछले दिनों बरेला के रिछाई में एक ट्रक के चाय पान की दुकान और मकान में घुसने के बाद हुई पांच लोगो की मौत के बाद जमकर बवाल और हंगामा हुआ न केवल पुलिस पर पथराव किया गया, मारपीट की गई तथा पुलिस के वाहन में आग भी लगाई।

बरेला और पनागर में हुए बवाल के बाद उपद्रवियों के खिलाफ दर्ज
इस मामले में बरेला पुलिस ने फिलहाल नौ नामजद और पांच-सात अन्य लोगों के खिलाफ धारा १४८, १४९, ३३२, ३५३ और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम १९८४ के तहत मामला दर्ज किया है। यह संख्या और भी बढ़ सकती है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी कोई गिरफ्तारी नही की है। इसी तरह पनागर में एक ऑटो चालक की मौत के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग एफ.आई.आर. दर्ज कर उपद्रव करने वाले करीब ५०० लोगों के खिलाफ धारा १४७, १४८, १४९, ३५३, २९४, ५०६ और ३२३ के तहत मामला दर्ज किया था बरेला और पनागर दोनों स्थानों पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव के साथ ही पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ और पनागर में चका जाम भी किया जिसके चलते पुलिस ने तीन अलग-अलग एफ.आई.आर. दर्ज की है। एफ.आई.आर. दर्ज होने के बाद जब से लोागों को इसकी जानकारी लगी है वे इस बात की पता साजी करने में जुटे है कि एफ.आई.आर. में कहीं उनका नाम तो नही है जो लोग बलवा मार-पीट तोड़ फोड़ आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल थे वे तो परेशान है ही साथ ही ऐसे लोग भी परेशान है जिनके नाम भीड़ में शामिल होने के कारण सूची में ना आ गये हो क्षेत्रीय लोग अब यह पता लगाने के लिए नेताओं से लेकर पुलिस कर्मियों तक के चक्कर काट रहे हैै उनका नाम तो आरोपियों की सूची में शामिल नही हैै। एक तो वैसे ही होली का त्योहार होने के कारण पुलिस सतर्क है और असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी के लिए अभियान भी चलाया जा रहा हेै। ऐसे में जिन लोगों को एफ.आई.आर. में अपना नाम होने की आशंका है वे दाएं-बाएं हो गये हैैै।

Ashutosh shukla

30 वर्षों से निरन्तर सकारात्मक पत्रकारिता, संपादक यशभारत डॉट काम

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