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Yashbharat.com BREAKING: लखनऊ में लैंडिंग फेल, हवा में अटकी यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की जान-3 बार की नाकाम कोशिश के बाद विमान को भोपाल भेजा गया

Yashbharat BREAKING: लखनऊ में लैंडिंग फेल, हवा में अटकी यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की जान-3 बार की नाकाम कोशिश के बाद विमान को भोपाल भेजा गया

Yashbharat BREAKING: लखनऊ में लैंडिंग फेल, हवा में अटकी यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की जान-3 बार की नाकाम कोशिश के बाद विमान को भोपाल भेजा गया

Yashbharat.com BREAKING: लखनऊ में लैंडिंग फेल, हवा में अटकी यूपी के दोनों डिप्टी सीएम की जान-3 बार की नाकाम कोशिश के बाद विमान को भोपाल भेजा गया। : उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो सबसे बड़े चेहरे, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक आज एक बड़े विमान हादसे का शिकार होते-होते बचे। खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण लखनऊ एयरपोर्ट पर उनके विमान की लैंडिंग नहीं हो सकी, जिसके बाद विमान को तत्काल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ओर डायवर्ट करना पड़ा।

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हवा में थमी रहीं सांसें: लखनऊ में 3 बार फेल हुई लैंडिंग

दोनों डिप्टी सीएम दिल्ली से लखनऊ के लिए इंडिगो (Indigo) की फ्लाइट से आ रहे थे। लखनऊ के आसमान में पहुंचते ही तेज हवाओं और खराब मौसम ने विमान को घेर लिया।खतरनाक मंजर: पायलट ने लखनऊ एयरपोर्ट पर तीन बार लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन विजिबिलिटी इतनी कम थी कि टचडाउन संभव नहीं हो पाया। भोपाल में सुरक्षित लैंडिंग: विमान में ईंधन और सुरक्षा को देखते हुए एटीसी ने इसे भोपाल भेजने का निर्देश दिया। दोनों डिप्टी सीएम अब भोपाल में सुरक्षित उतर चुके हैं और पूरी तरह सुरक्षित हैं।

इंडिगो की खराब साख पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर भारतीय एयरलाइनों की सुरक्षा और उनके रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी रिपोर्ट का खुलासा: हाल ही में फरवरी 2026 में सिविल एविएशन मिनिस्टर ने संसद में बताया था कि देश के 50% विमानों में बार-बार खराबी आ रही है।

इंडिगो सबसे आगे: जांच में पाया गया कि इंडिगो के 405 विमानों में से 148 में बार-बार तकनीकी खामियां पाई गईं। एयर इंडिया और स्पाइसजेट का रिकॉर्ड भी संतोषजनक नहीं रहा है।

यात्री सुरक्षा पर मंडराता खतरा

संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 754 विमानों की जांच हुई, जिसमें से 377 विमान दोषपूर्ण पाए गए। बार-बार विमानों का डायवर्ट होना या इमरजेंसी लैंडिंग अब आम बात होती जा रही है, जो करोड़ों यात्रियों के साथ-साथ वीवीआईपी सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।

Yashbharat.com की विशेष टिप्पणी:

जब राज्य के दो सबसे ताकतवर मंत्रियों की उड़ान इस तरह जोखिम में पड़ सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या? नागरिक उड्डयन मंत्रालय को ‘बार-बार होने वाली खराबी’ वाले विमानों पर सख्त एक्शन लेने की जरूरत है।

दोनों डिप्टी सीएम के लखनऊ वापसी की हर जानकारी के लिए जुड़े रहें Yashbharat.com के साथ……

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