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शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में खाद्य सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला संपन्न

शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में खाद्य सुरक्षा विषय पर आयोजित कार्यशाला संपन्

कटनी- प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी के रसायन शास्त्र विभाग के तत्वावधान में “खाद्य सुरक्षा मानकों, विनियमों एवं गुणवत्ता नियंत्रण उपायों” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में *भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), जिला कटनी के खाद्य सुरक्षा अधिकारी ब्रजेश विश्वकर्मा एवं केमिस्ट सौरभ उपस्थित रहे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के प्रमुख प्रावधानों, खाद्य पदार्थों में होने वाली सामान्य मिलावट एवं उनकी पहचान के वैज्ञानिक तरीकों, तथा गुणवत्ता नियंत्रण हेतु अपनाए जाने वाले मानकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के दौरान रसायन शास्त्र प्रयोगशाला में व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने विभिन्न खाद्य नमूनों (दूध, घी, मसाले, पनीर , तेल, चाय आदि) का रासायनिक परीक्षण कर विद्यार्थियों को मिलावट परीक्षण की वास्तविक प्रक्रिया से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने भी रुचिपूर्वक परीक्षण में सहभागिता निभाई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बाजपेयी ने कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक कार्यशालाएँ पाठ्यक्रम को रोजगारपरक एवं जीवनोपयोगी बनाती हैं। कार्यक्रम के समन्वयक एवं रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष पुनर्बसु भट्टाचार्य ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को खाद्य गुणवत्ता के प्रति संवेदनशील बनाना एवं उन्हें गुणवत्ता परीक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर राजेश साहूडॉ रुक्मणि प्रताप सिंह एवं प्रोफेसर सुनील सिंह ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अतिथि विद्वान के रूप में डॉ. नेहा त्रिपाठी एवं मंजुला तिवारी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। प्रयोगशाला तकनीशियन सुश्री माधुरी सिंह के कुशल सहयोग से सभी व्यावहारिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संपन्न हुईं। कार्यशाला में बी.एससी. रसायन शास्त्र (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष) के विद्यार्थियों सहित विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लाए गए खाद्य नमूनों की विशेषज्ञों द्वारा जांच की गई। कार्यक्रम के अंत में पुनर्बसु भट्टाचार्य ने मुख्य अतिथियों, प्राचार्य सभी प्राध्यापकों विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।

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