बंगाल में शपथ के साथ ही ‘संग्राम’: अभिषेक बनर्जी ने चुनाव प्रक्रिया को घेरा; 30 लाख वोटर्स के नाम काटने और काउंटिंग में धांधली का लगाया आरोप।/ पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भी सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, तो दूसरी तरफ टीएमसी (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखकर चुनाव की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने मतदाता सूची से लेकर मतगणना तक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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अभिषेक बनर्जी के 3 बड़े और गंभीर आरोप:
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वोटर लिस्ट में हेरफेर: अभिषेक बनर्जी का दावा है कि चुनाव से पहले लगभग 30 लाख ‘वास्तविक मतदाताओं’ के नाम लिस्ट से हटा दिए गए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका को पक्षपातपूर्ण बताया।
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CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग: टीएमसी नेता ने मांग की है कि मतगणना केंद्रों (Counting Centers) के CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कंट्रोल यूनिट में गड़बड़ी का अंदेशा जताते हुए VVPAT पर्चियों की पारदर्शी गिनती की मांग दोहराई।
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चुनाव बाद हिंसा का मुद्दा: अभिषेक ने आरोप लगाया कि जीत के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी दफ्तरों पर हमले हो रहे हैं और समर्थकों को घर छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है।
“मजबूत विपक्ष की निभाएंगे भूमिका”
अभिषेक बनर्जी ने साफ कर दिया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी पश्चिम बंगाल से लेकर दिल्ली तक संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की और कहा कि पार्टी हर कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने को तैयार है।

