भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश को क्यों अर्पित करते हैं रक्षा सूत्र? जानें धार्मिक महत्व व शुभ मुहूर्त

22 08 2020 ganesh pujan 20652599

भाई को राखी बांधने से पहले भगवान गणेश को क्यों अर्पित करते हैं रक्षा सूत्र? जानें धार्मिक महत्व व शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई अपनी बहनों की रक्षा का वचन देते हैं। हालांकि, सनातन परंपरा में भाई की कलाई पर राखी सजाने से पूर्व प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को राखी अर्पित करने का विशेष विधान है।

भगवान गणेश को सबसे पहले क्यों बांधते हैं राखी?

शास्त्रों में भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ और ‘प्रथम पूज्य’ माना गया है। किसी भी मांगलिक या शुभ कार्य की निर्विघ्न समाप्ति के लिए सबसे पहले गणेश जी का पूजन किया जाता है।

  • बाधाओं का नाश: मान्यता है कि रक्षाबंधन के दिन गणेश जी को रक्षा सूत्र अर्पित करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।

  • शुभता और मंगल का प्रतीक: श्री गणेश बुद्धि, रिद्धि-सिद्धि और मंगल के देवता हैं। उन्हें राखी अर्पित करने से पूरे पर्व पर उनका दिव्य आशीर्वाद बना रहता है।

  • अन्य देवताओं का पूजन: गणेश जी के अलावा कई परंपराओं में अपने इष्टदेव, कुल देवता और भगवान श्री कृष्ण को भी पहली राखी अर्पित की जाती है।

(ध्यान दें: भगवान गणेश को राखी बांधना एक धार्मिक आस्था व परंपरा है; अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की अपनी मान्यता के अनुसार सीधे भाई को भी राखी बांधी जाती है।)

रक्षाबंधन 2026: तिथि एवं शुभ मुहूर्त

विवरणसमय व तिथि
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ27 अगस्त 2026, सुबह 09:08 बजे से
पूर्णिमा तिथि समाप्त28 अगस्त 2026, सुबह 09:48 बजे तक
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)

 

सुबह 05:57 बजे से 09:48 बजे तक

रक्षाबंधन पूजन की सही विधि

  1. देव पूजन: सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। गणेश जी के सामने दीपक जलाएं, उन्हें रोली-अक्षत लगाएं, मोदक या मिठाई का भोग लगाएं और रक्षा सूत्र अर्पित करें।

  2. भाई का तिलक: इसके बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। भाई के माथे पर रोली और अक्षत (चावल) का तिलक लगाएं।

  3. आरती व राखी: भाई की आरती उतारें, उनकी दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें और मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराएं।

  4. उपहार व आशीर्वाद: भाई अपनी बहन को यथाशक्ति उपहार देकर सदैव उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।

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