गाय के बछड़े को ट्रेन की चपेट में आने से बचाते खुद ट्रेन की चपेट में आया वृद्ध गाय मालिक, मौत, शहर के कैलवारा फाटक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा, सीमा रेखा विवाद में कई घंटे रेल ट्रैक पर पड़ा रहा क्षत विक्षत शव

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गाय के बछड़े को ट्रेन की चपेट में आने से बचाते खुद ट्रेन की चपेट में आया वृद्ध गाय मालिक, मौत, शहर के कैलवारा फाटक क्षेत्र में दर्दनाक हादसा, सीमा रेखा विवाद में कई घंटे रेल ट्रैक पर पड़ा रहा क्षत विक्षत शव
कटनी(YASHBHARAT.COM)। शहर के कैलवारा फाटक क्षेत्र में आज सोमवार की शाम 5 बजे के लगभग एक दर्दनाक घटना घटित हुई। यहां गाय के बछड़े को ट्रेन की चपेट में आने से बचाते समय कैलवारा फाटक क्षेत्र निवासी 60 वर्षीय वृद्ध गाय मालिक रमेश आदिवासी ट्रेन की चपेट में आ गया। इस घटना में गाय का बछड़ा तो ट्रेन की चपेट में आने से बच गया लेकिन बछड़े का वृद्ध मालिक रमेश ट्रेन की चपेट में आकर अपनी जान गंवा बैठा। इस बात की जानकारी लगते ही परिजन रोते बिलखते क्षेत्र से होकर गुजरी कटनी=बीना रेलखंड के घटना स्थल पहुंच गए और इसकी सूचना सिटी पुलिस और जीआरपी को दी। ताज्जुब की बात तो यह है कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर सीमा रेखा विवाद सामने आ जाता है तो इस घटना में भी सीमा रेखा विवाद सामने आ गया। सूचना मिलने के बाद सिटी पुलिस और जीआरपी घटना स्थल थाना क्षेत्र के अंतर्गत न आने का हवाला देकर परिजनो को चलता किया। सीमा रेखा विवाद में वृद्ध रमेश आदिवासी का ट्रेन से क्षत विक्षत शव लगभग पांच घंटे रेल ट्रैक पर पड़ा रहा और उसके ऊपर से दूसरी ट्रेने गुजरती रही। उधर परिजन भी इस कड़ाके की ठण्ड में रेल ट्रैक के किनारे शव की तकवारी करते हुए पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। रात 10 बजे के लगभग सिटी पुलिस और जीआरपी की टीम एक साथ घटना स्थल पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद वृद्ध रमेश आदिवासी के क्षत विक्षत शव को अपने अधिकार में लेकर उसे परीक्षण के लिए जिला अस्पताल के पोस्ट मार्टम गृह में रखवाया। जहां कल सुबह शव परीक्षण किया जाएगा। हालांकि अभी परिजन यह नहीं बता पाए कि मामले में कार्रवाई सिटी पुलिस कर रही है या जीआरपी के द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
सीमा रेखा बोर्ड लगना आवश्यक
इस तरह की घटनाओं में अक्सर सिटी पुलिस और जीआरपी के बीच सीमा रेखा विवाद देखने को मिलता है और सीमा रेखा विवाद में मृतकों का क्षत विक्षत शव कई कई घंटे रेल ट्रैक पर पड़ा रहता है और उसके ऊपर से ट्रेने निकलती रहती है। इसलिए सिटी पुलिस और जीआरपी के बीच सीमा निर्धारण कर बोर्ड लगाना आवश्यक है। जिससे मृतकों के परिजनों को भी परेशान न होना पड़े और मृतकों के शव को अनावश्यक विलंब किए उठाया जा सके।