MP में फिर थमेंगे बसों के पहिए? किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स ने दी चेतावनी; 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
MP में फिर थमेंगे बसों के पहिए? किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स ने दी चेतावनी; 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
MP में फिर थमेंगे बसों के पहिए? किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स ने दी चेतावनी; 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
सागर: मध्य प्रदेश में आम जनता को जल्द ही परिवहन की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। प्रदेश के निजी बस संचालकों ने बस किराया बढ़ाने की मांग को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डीजल की बढ़ती कीमतों, महंगे स्पेयर पार्ट्स और लगातार बढ़ती संचालन लागत (Maintenance Cost) का हवाला देते हुए बस ऑपरेटर्स ने 7 अगस्त 2026 तक मांगें पूरी न होने पर प्रदेशभर में बसों का संचालन ठप कर अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) करने की सीधी चेतावनी दी है।
सागर में जुटे प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स, रखी 7 सूत्रीय मांगें
इस संबंध में ‘मध्यप्रदेश बस आनर्स एसोसिएशन’ के बैनर तले रविवार को सागर जिले में प्रदेश स्तर की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों से आए बस संचालकों ने अपनी एकजुटता दिखाई और सरकार के सामने 7 प्रमुख मांगें रखीं। MP में फिर थमेंगे बसों के पहिए? किराया बढ़ाने की मांग को लेकर बस ऑपरेटर्स ने दी चेतावनी; 7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
बस संचालकों की प्रमुख मांगें:
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बस किराए में तत्काल वृद्धि: डीजल और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने के अनुपात में यात्री किराए में बढ़ोतरी की जाए।
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परमिट व टैक्स में राहत: कोविड काल और उसके बाद से लंबित टैक्स प्रकरणों में राहत दी जाए।
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सड़क और परमिट संबंधी समस्याएं: परमिट जारी करने की व्यवस्था को आसान और पारदर्शी बनाया जाए।
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स्पेयर पार्ट्स व बीमे पर राहत: बसों के मेंटेनेंस पर लग रहे अतिरिक्त करों को कम किया जाए।
7 अगस्त के बाद चरमरा सकती है राज्य की परिवहन व्यवस्था
बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि वे लंबे समय से घाटे में बसों का संचालन कर रहे हैं। अगर सरकार ने 7 अगस्त की समयसीमा से पहले उनकी सात सूत्रीय मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो मध्य प्रदेश की लगभग सभी निजी बसों का पहिया थम जाएगा। इससे रोजाना अंतर-जिलीय और अंतर-राज्यीय यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों की परेशानी बढ़ना तय है।








