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“हम Gen-Z हैं, नौटंकी बर्दाश्त नहीं करेंगे”: जोज़िला में सेना से उलझी महिला का वीडियो वायरल, उमर अब्दुल्ला बोले- ‘यह नया- जानते नहीं मेरा बाप कौन है बन चुका है’

“हम Gen-Z हैं, नौटंकी बर्दाश्त नहीं करेंगे”: जोज़िला में सेना से उलझी महिला का वीडियो वायरल, उमर अब्दुल्ला बोले- ‘यह नया- जानते नहीं मेरा बाप कौन है बन चुका है’

भोपाल / श्रीनगर: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक महिला का वीडियो तेजी से ट्रेंड कर रहा है, जिसमें वह लद्दाख-कश्मीर सीमा पर तैनात सेना और पुलिस जवानों के साथ तीखी बहस करती नज़र आ रही है। सुरक्षा नाकेबंदी के कारण फंसे होने से नाराज महिला खुद को ‘Gen-Z’ बताते हुए सेना के जवानों को धमकाती दिख रही है कि— “We are Gen-Z, we won’t tolerate this nonsense! हम टैक्स भरते हैं और हमारे ही टैक्स से तुम्हें तनख्वाह मिलती है।”

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जहां एक तरफ मिडल क्लास के रवैये और अधिकारों के दुरुपयोग पर बहस छिड़ गई है, वहीं दूसरी तरफ देश की सुरक्षा व्यवस्था के सामने नागरिक अनुशासन का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

एक महीने पुराना है मामला, वीआईपी मूवमेंट और मौसम बनी थी वजह

पुलिस और सेना के सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो 25 जुलाई का कारगिल के पास जोज़िला-गुमरी मार्ग का है:

  • क्यों बंद था रास्ता? रक्षा मंत्री और थल सेना प्रमुख (Army Chief) का वीआईपी मूवमेंट होने वाला था। साथ ही, इलाके में बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और पत्थर गिरने का खतरा था।

  • 5 घंटे से फंसे थे लोग: सुरक्षा और वीआईपी रूट के कारण नाकाबंदी थी और पर्यटक लगभग 5 घंटे से फंसे हुए थे।

  • भड़की महिला: इसी दौरान गाड़ियों में मौजूद बच्चों की परेशानी का हवाला देते हुए महिला आपा खो बैठी और सीधे सुरक्षा बलों पर बरस पड़ी। उसने यहां तक कह दिया कि “तुम लोग कश्मीरियों के साथ तो ऐसा करते ही हो, अब पर्यटकों से भी वही कर रहे हो।”

 ‘जानते नहीं मेरा बाप कौन है’ का नया रूप: सीएम उमर अब्दुल्ला

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस वायरल वीडियो पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है:

” ‘हम Gen-Z हैं’ जैसा शब्द अब ‘जानते नहीं हो मेरा बाप कौन है’ जैसी पुरानी सामंती धमकी का नया रूप बन गया है। जरा-सी बात पर अपने किसी कैचफ्रेज़ को धमकी की तरह इस्तेमाल करना, इस पीढ़ी (Gen-Z) के प्रति लोगों की बची-खुची सहानुभूति को भी खत्म कर देगा।”

सेना, सुरक्षा और ‘टैक्स पेयर’ का अहंकार: विश्लेषकों का नजरिया

इस पूरे घटनाक्रम पर देश के प्रबुद्ध वर्ग और सुरक्षा विशेषज्ञों ने महिला के इस तेवर की कड़ी आलोचना की है:

  • सुरक्षा प्रोटोकॉल सर्वोपरि: लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में नाकाबंदी का फैसला स्थानीय परिस्थितियों और सुरक्षा इनपुट के आधार पर होता है। टैक्स देने का मतलब देश के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने का लाइसेंस मिलना नहीं है।

  • आंदोलन बनाम अभद्रता: युवाओं (Gen-Z) ने रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर देश में कई सार्थक आंदोलन किए हैं। लेकिन सुरक्षा बलों पर अपना रौब झाड़ने और सेना को अपशब्द कहने से पूरी युवा पीढ़ी की छवि खराब होती है।

  • टूरिस्ट अनुशासन: पूर्वोत्तर और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान पर्यटकों को स्थानीय नियमों और सुरक्षा बलों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होता है। “हम Gen-Z हैं, नौटंकी बर्दाश्त नहीं करेंगे”: जोज़िला में सेना से उलझी महिला का वीडियो वायरल, उमर अब्दुल्ला बोले- ‘यह नया- जानते नहीं मेरा बाप कौन है बन चुका है’

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