भोपाल के आदमपुर में ₹128 करोड़ से बनेगा ‘वेस्ट-टू-CBG’ प्लांट: 400 टन गीले कचरे से रोज बनेगी 18 टन बायोगैस
भोपाल के आदमपुर में ₹128 करोड़ से बनेगा ‘वेस्ट-टू-CBG’ प्लांट: 400 टन गीले कचरे से रोज बनेगी 18 टन बायोगैस
भोपाल। राजधानी भोपाल के आदमपुर खंती में कचरे के पहाड़ को खत्म करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। आदमपुर में नौ एकड़ क्षेत्र में वेस्ट-टू-CBG (Compressed Biogas) प्लांट स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
इस परियोजना के तहत भोपाल शहर से प्रतिदिन निकलने वाले लगभग 400 टन गीले कचरे को प्रोसेस करके रोज 16 से 18 टन कंप्रेस्ड बायोगैस बनाई जाएगी।
₹128 करोड़ का टेंडर जारी; 20 साल का अनुबंध
परियोजना को आकार देने के लिए नगर निगम ने लगभग 128 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है:
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मॉडल: यह प्रोजेक्ट DBFOT (Design-Build-Finance-Operate-Transfer) मॉडल पर आधारित होगा।
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अवधि: चयनित कंपनी 20 साल की कंसेशन (रियायत) अवधि के लिए इस प्लांट का संचालन और रखरखाव करेगी।
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फीडस्टॉक स्रोत: घरों, सब्जी मंडियों, डेयरियों से निकलने वाले गीले जैविक कचरे और गोबर का उपयोग बायोगैस बनाने में होगा।
भोपाल का कचरा गणित और चुनौतियाँ
भोपाल में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का वर्तमान आंकड़ा:
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दैनिक कचरा उत्पादन: लगभग 850 टन (400 टन गीला और 450 टन सूखा कचरा)।
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पुराना कचरा: आदमपुर खंती में अब तक करीब 7 लाख टन कचरा जमा हो चुका है।
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मुख्य चुनौती: गीले कचरे के साथ प्लास्टिक और मिट्टी (Inert Material) का आना बड़ी समस्या है। टेंडर (RFP) की शर्त के अनुसार फीडस्टॉक में 20% से अधिक इनर्ट सामग्री नहीं होनी चाहिए।
6 साल पहले भी बनी थी योजना, लेकिन अटकी रही
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने करीब छह साल पहले भी आदमपुर में CBG प्लांट लगाने की योजना बनाई थी और इसका टेंडर ‘एवर इंवायरो’ कंपनी को दिया गया था। हालांकि, 6 साल बीत जाने के बाद भी कंपनी काम शुरू नहीं कर सकी, जिसके बाद अब नए सिरे से ₹128 करोड़ का टेंडर जारी कर परियोजना को धरातल पर लाने की कवायद शुरू की गई है। भोपाल के आदमपुर में ₹128 करोड़ से बनेगा ‘वेस्ट-टू-CBG’ प्लांट: 400 टन गीले कचरे से रोज बनेगी 18 टन बायोगैस
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