गांधी जयंती पर प्रस्तावित जनकल्याणकारी शिविर का स्थल बदलने से ग्रामीणों में आक्रोश
पहाड़ी में ही शिविर आयोजित कराने की मांग, ग्रामीणों ने कहा—मुख्यालय हल्के में होने से आसपास के गांवों को मिलेगा अधिक लाभ

गांधी जयंती पर प्रस्तावित जनकल्याणकारी शिविर का स्थल बदलने से ग्रामीणों में आक्रोश
पहाड़ी में ही शिविर आयोजित कराने की मांग, ग्रामीणों ने कहा—मुख्यालय हल्के में होने से आसपास के गांवों को मिलेगा अधिक लाभ
कटनी(YASHBHARAT.COM)। महात्मा गांधी की जन्मजयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर प्रस्तावित जनकल्याणकारी शिविर का स्थान बदलकर देवरी हटाई किए जाने की चर्चा के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जनकल्याणकारी शिविर का मुख्य उद्देश्य संबंधित गांव एवं उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में शिविर का आयोजन पहाड़ी में प्रस्तावित था, जो क्षेत्र के लिए उपयुक्त स्थान है। देवरी हटाई की सीमा के आगे बड़वारा तहसील प्रारंभ हो जाती है। ऐसे में वहां शिविर आयोजित किए जाने से आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि शिविर का आयोजन पूर्व निर्धारित पहाड़ी गांव में ही किया जाए ताकि मुख्यालय हल्के के साथ-साथ आसपास के गांवों के किसान, हितग्राही और ग्रामीण शासन की योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। ग्रामीणों का कहना है कि गांधी जयंती पर होने वाले इस शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। इसलिए प्रशासन को जनहित को ध्यान में रखते हुए शिविर स्थल में प्रस्तावित बदलाव पर पुनर्विचार करना चाहिए।








