वेब डेस्क। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के भारत के फैसले को लेकर सीमा पार की दो ट्रेनों को निलंबित करने के बाद पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया है कि उनके देश ने लाहौर-दिल्ली मैत्री बस सेवा भी सोमवार से निलंबित कर दी है। वहीं अमृतसर-लौहार बस बिना यात्रियों के लिए पाकिस्तान के लिए रवाना हो गई लेकिन अमृतसर से खाली लौट आई। वहीं जोधपुर से कराची जाने वाली थार एक्सप्रेस 165 यात्रियों के साथ शनिवार सुबह पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर मुनाबाव स्टेशन पहुंच गई।
ANANTNAG: National Security Advisor Ajit Doval interacts with locals in Anantnag, an area which has been a hotbed of terrorist activities in the past. #JammuAndKashmir pic.twitter.com/dUd7GPvS2W
— ANI (@ANI) August 10, 2019
10 बातें
1- राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का दौरा किया। उन्होंने यहां भी लोगों से बातचीत की। उनकी मुलाकात बकरीद के लिए भेंड़ें बेचने आए चरवाहों से हो गई। इसका वीडियो एएनआई ने जारी किया है। इससे दो दिन पहले डोभाल को शोपियां की सड़कों पर आम लोगों से बातचीत की और उनके साथ खाना भी खाया।
2- पाकिस्तान के संचार एवं डाक सेवा मंत्री मुराद सईद ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (एनएससी) की बुधवार को हुई बैठक में लिए गए फैसलों के अनुरूप ही यह कदम उठाया गया। सईद ने शुक्रवार को ट्वीट किया, एनएससी के फैसलों के अनुसार पाकिस्तान-भारत बस सेवा निलंबित कर दी गई है। संचार मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि यह फैसला सोमवार से प्रभावी होगा। लाहौर-दिल्ली बस सेवा दिल्ली गेट के समीप अंबेडकर स्टेडियम टर्मिनल से चलती है। डीटीसी की बसें हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को और पाकिस्तान पर्यटन विकास प्राधिकरण (पीटीडीसी) की बसें हर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को दिल्ली से लाहौर रवाना होती हैं। वापसी में डीटीसी की बसें हर मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को लाहौर से रवाना होती हैं जबकि पीटीडीसी की बसें हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दिल्ली के लिए रवाना होती हैं।
3- जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होने पर भारत और पाकिस्तान में बढ़े तनाव के बाद इस्लामाबाद ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) तथा जम्मू एवं कश्मीर से लगती अंतरार्ष्ट्रीय सीमा पर तत्काल दर्जन भर आतंकी शिविर फिर से सक्रिय कर दिए हैं। पेरिस स्थित अंतरसरकारी संस्थान फाइनेंशियलएक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा दी गई मई 2019 तक की समयसीमा को देखते हुए लगभग पूरी तरह बंद हुए इन आतंकी शिविरों में पिछले सप्ताह के दौरान काफी ज्यादा गतिविधियां देखी गईं। शीर्ष खुफिया सूत्रों ने कहा कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) से लगे पीओके क्षेत्र के कोटली, रावलकोट, बाघ और मुजफ्फराबाद में आतंकी शिविर प्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तानी सेना के सहयोग से दोबारा सक्रिय हो गए हैं जिसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
4- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाने के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में कश्मीर घाटी में छिट पुट प्रदर्शन हुए और इनमें से किसी प्रदर्शन में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं हुए। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, श्रीनगर/बारामूला में छिटपुट प्रदर्शन हुए और इनमें से किसी प्रदर्शन में 20 से अधिक लोग शामिल नहीं रहे प्रवक्ता ने कश्मीर में करीब 10,000 लोगों के प्रदर्शन की मीडिया में आयी खबर को गढ़ा हुआ तथा गलत बताते हुए खारिज कर दिया। सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया है और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित कर दिया है।
5- जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाने के भारत सरकार के फैसले के संबंध में संयुक्त राष्ट्र से लेकर अमेरिका तक का दरवाजा खटखटा चुके पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई खास तवज्जो नहीं मिल रही है। राजनयिक सूत्रों के अनुसार इस्लामाबाद से सीमा पार आतंकवाद या घुसपैठ के लिए कश्मीर के मौजूदा घटनाक्रम का इस्तेमाल ना करने के लिए स्पष्ट तौर पर कहा गया है। पाकिस्तान द्वारा पिछले कुछ दिनों में इस मामले पर सहयोग के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी रखने वाले एक राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान को इस मामले पर बेहद कम तवज्जो मिली है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अभिन्न हिस्सा है और यह पूरी तरह देश का आंतरिक मामला है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, शीर्ष पाकिस्तानी नेता और उसके राजनयिक लगातार अमेरिकी सांसदों और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें बता रहे हैं कि यदि वे मध्यस्थता नहीं करते हैं तो युद्ध की स्थिति पैदा हो सकती है।
6- रूस ने जम्मू-कश्मीर पर भारत द्वारा उठाए गए कदम का समर्थन करते हुए कहा कि यह भारतीय संविधान के दायरे में है और उसने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान आपसी मतभेदों को शिमला समझौते एवं लाहौर घोषणा के आधार पर द्विपक्षीय स्तर पर सुलाएंगे। भारत ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के लिए अनुच्छेद- 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटा दिया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक सवाल के जवाब में कहा, ”मॉस्को उम्मीद करता है कि दिल्ली द्वारा जम्मू-कश्मीर की स्थिति में बदलाव करने के मद्देनजर भारत और पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिति बिगड़ने नहीं देंगे।
7-जम्मू कश्मीर में हालात अब सामान्य होने लगे हैं। शुक्रवार को जम्मू से धारा 144 हटाने और कश्मीर में जुम्मे की नमाज के लिए स्थानीय मस्जिदों में ढ़ील देने के एक दिन बाद शनिवार को जम्मू में सभी स्कूल खुल गए। कठुआ, सांबा और उधमपुर जिलों में स्थिति कुल मिलाकर सामान्य रही और वहां ज्यादातर शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार को फिर से खुले।
8- जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को श्रीनगर में कहा कि हम ईद की तैयारी कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोगों को अधिकतम सुविधाएं प्रदान की जाएं। लोगों को ईद को बिना किसी डर और शांति के साथ मनाना चाहिए।
9- अमृतसर-लाहौर बस बिना किसी यात्री के पाकिस्तान के लिए रवाना हो गई और वह खाली अमृतसर लौट गई। बस के ड्राइवर ने कहा कि हमें अभी तक बस सेवा के निलंबन के संबंध में पाकिस्तान से कोई आधिकारिक या लिखित बयान नहीं मिला है। उनके टर्मिनल अधिकारी ने मौखिक रूप से सूचित किया गया है।

