वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026: 29 से 31 अक्टूबर तक तालेगांव में जुटेगा ग्लोबल बिजनेस, 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026: 29 से 31 अक्टूबर तक तालेगांव में जुटेगा ग्लोबल बिजनेस, 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026: 29 से 31 अक्टूबर तक तालेगांव में जुटेगा ग्लोबल बिजनेस, 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

पणजी (गोवा)। गोवा केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में खुद को स्थापित करने जा रहा है। आगामी 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक तालेगांव स्थित गोवा यूनिवर्सिटी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी इंडोर स्टेडियम में ‘वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026’ का भव्य आयोजन होने जा रहा है।

गोवा सरकार के उद्योग, व्यापार एवं वाणिज्य निदेशालय के सहयोग से वाइब्रेंट गोवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय समिट में 50 से अधिक देशों के कारोबारी, निवेशक और प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। इसमें 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदार, 200 से ज्यादा प्रदर्शक और 10,000 से अधिक कारोबारी प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है।

220 MSME के लिए खुलेगा वैश्विक बाजार

समिट का मुख्य आकर्षण ‘रिवर्स बायर-सेलर मीट’ होगा, जिसके तहत गोवा के चुने हुए 220 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को 300 से अधिक विदेशी खरीदारों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा। तीन दिनों के दौरान 1,000 से अधिक B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य वर्ष 2037 तक गोवा में ऐसे सक्षम MSME तैयार करना है जो वैश्विक निर्यात में बड़ी भूमिका निभा सकें।

दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत मुख्य अतिथि होंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव को भी आमंत्रित किया गया है।पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव मुख्य संबोधन देंगे। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर भी इसमें शिरकत करेंगे।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और कुशल मानव संसाधन के बल पर गोवा अब ग्लोबल इनवेस्टमेंट हब बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारत-अफ्रीका कॉन्क्लेव और सेमीकंडक्टर राउंडटेबल

समिट के दौरान कई उच्चस्तरीय बैठकें होंगी, इसमें 30 से अधिक अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधि और भारतीय कंपनियां व्यापारिक अवसरों पर चर्चा करेंगी। 30 अक्टूबर को आयोजित इस बैठक में भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के विकास पर मंथन होगा।

इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और टूरिज्म-वेलनेस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।