रक्षाबंधन की वैदिक शक्ति: राखी बांधते समय इन मंत्रों का जाप करें, भाई को सफलता और स्नेह। मिलेगी
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, श्रवण नक्षत्र, शोभन और सिद्धि योग होने से रक्षाबंधन पर्व शुभ योग में आ रहा है। यदि रक्षाबंधन शाम सात बजे से पहले मना लिया जाए, तो उत्तम होगा, क्योंकि इसके बाद पंचक शुरू हो रहा है । सोमवार को सावन मास की पूर्णिमा है। इस दिन भाई और बहन के अटूट संबंधों का पर्व रक्षाबंधन मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डा. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि सोमवार को प्रात: कालीन श्रवण नक्षत्र, शोभन और सिद्धि योग होने से यह पर्व शुभ योग बन गया है। सायंकाल सात बजे से पूर्व यदि रक्षाबंधन मना लिया जाए तो श्रेष्ठ होगा, क्योंकि इसके बाद पंचक लग रहा है।
ज्योतिषाचार्य डा. दत्तात्रेय होस्केरे ने कहा कि भद्रा का प्रभाव नहीं है। सोमवार को दोपहर 1:30 बजे तक भद्रा है। इस दिन श्रवण नक्षत्र है, जो कि मकर राशि में आता है। यह एक असमंजस की स्थिति है, लेकिन शास्त्रों मे वर्णित है कि मकर राशि में विचरण कर रही भद्रा पाताल लोक को होती है, अत: इसका पृथ्वी लोक पर कोई प्रभाव नहीं है।
रक्षा बंधन के शुभ मुहूर्त
- प्रात: काल: सिंह लग्न में प्रात: 7.46 बजे तक।
- मध्यान्ह काल : वृश्चिक लग्न में दोपहर 12.08 बजे से 2.23 बजे तक।
- सायंकाल : कुम्भ लग्न में सायंकाल 6.16 बजे से रात्रि 7.51 बजे तक।
इस तरह बांधें राखी
अपने भैया को पूर्व की दिशा की ओर मुख करके बैठाए और बहने खुद पश्चिम की ओर मुख कर के बैठें। स्वयं और भैया के ऊपर थोड़ा सा जल छिड़कें। भैया को रोली और अक्षत का तिलक लगाकर इस मंत्र का उच्चारण करते हुए रक्षासूत्र बांधे :
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम प्रति बध्नामि रक्षय मा चल मा चल।।
राशि के अनुसार बांधे राखी
- मेष: नारंगी धागा और सिन्दूर का तिलक।
- वृषभ: सफेद चमकीला धागा और चमकीला तिलक।
- मिथुन: हरा नारंगी धागा और चमेली की सुगंध का तिलक।
- कर्क: सफेद चांदी युक्त धागा और चंद्राकार लाल तिलक।
- सिंह: लाल गुलाबी धागा और गुलाब जल युक्त लाल तिलक।
- कन्या: हरा नीला धागा और चावल हल्दी का मिश्रित टीका।
- तुला: चमकीला हरा पीला धागा और चांदी के अर्क का लाल टीका।
- वृश्चिक: लाल पीला धागा और शहद युक्त लाल तिलक।
- धनु: केसर युक्त पीला तिलक और हल्दी चावल का तिलक।
- मकर: नीला चमकीला धागा और रोली का तिलक।
- कुम्भ: नीला हरा मोर पंख युक्त धागा और घी चावल का टीका।
- मीन: पीला धागा और चंदन कुमकुम का टीका।

