पहले सरकारी विभाग पीईबी से संपर्क कर अपने पद भरने के लिए परीक्षा कराने का निवेदन करते थे। अब सरकार के निर्देश के बाद पीईबी के अधिकारी खुद हर सरकारी विभागों में खाली पदों की संख्या जानने में लगे हैं। परीक्षा नियंत्रक का कहना है कि अगले महीनों में 30 हजार सरकारी पदों को भरने की प्रक्रिया पर जोर दे रहे हैं। पीईबी की सभी परीक्षाएं ऑनलाइन होने लगी है।

इससे यह भी आरोप लग रहा था कि परिणाम दो से तीन महीने लेट हो रहे हैं। इसका भी पीईबी ने समाधान निकाल लिया है। ऑनलाइन परीक्षा होने के कुछ दिन बाद ही इसे वेबसाइट पर जारी कर देंगे। देश में परीक्षा कराने वाले बोर्ड में पीईबी टॉपर पर आ गया है। पहले हर साल करीब 20 लाख प्रतियोगियों की परीक्षा बोर्ड कराता था। अब संख्या 35 लाख से ऊपर पहुंच गई है। हर साल इतने उम्मीदवार की ऑनलाइन परीक्षा देश का कोई भी बोर्ड नहीं कराता है।

एक पद के लिए 88 उम्मीदवार

पीईबी की ग्रेड 3 कर्मचारियों और डेटा एंट्री ऑपरेटर के 1700 पदों के लिए 1. 5 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इस लिहाज से एक पद के लिए करीब 88 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। पटवारी परीक्षा के प्रति पद के लिए 111 उम्मीदवार शामिल हुए थे। पहले की स्थिति देखी जाए तो इतनी कॉम्पीटिशन की स्थिति नहीं बनती थी।

जहां होंगे 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार, वहीं बनेगा सेंटर

पीईबी के परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार भदौरिया का कहना है कि उम्मीदवारों की सहायता के लिए अब जिस भी क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार आवेदन करेंगे वहीं ऑनलाइन परीक्षा केंद्र खोले जाएंगे।