US-ईरान तनाव से एशिया में LNG संकट: 5 उभरते देशों का बिल बढ़कर $7.4 अरब हुआ, रिन्यूएबल और कोयले की ओर रुख करने को मजबूर
US-ईरान तनाव से एशिया में LNG संकट: 5 उभरते देशों का बिल बढ़कर $7.4 अरब हुआ, रिन्यूएबल और कोयले की ओर रुख करने को मजबूर
नई दिल्ली/सिंगापुर। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव और होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) से होने वाली सप्लाई में रुकावट के कारण एशियाई देशों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान समेत एशिया के 5 प्रमुख उभरते देशों का स्पॉट लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) बिल दोगुने से भी अधिक हो गया है।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुख्य बिंदु और आंकड़े:
-
$7.4 अरब का भारी-भरकम खर्च: भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, थाईलैंड और वियतनाम—इन 5 देशों ने इस अवधि के दौरान स्पॉट LNG पर कुल 7.4 अरब डॉलर खर्च किए हैं। पिछले साल इसी अवधि में लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए इतनी ही सप्लाई के लिए महज 3.1 अरब डॉलर खर्च हुए थे।
-
कतर से सप्लाई पर असर: तनाव के कारण होर्मुज की खाड़ी से होने वाली शिपमेंट रुकने से वैश्विक LNG आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा देने वाले कतर से सप्लाई ठप हो गई है। मजबूरी में एशियाई देशों को महंगे ‘स्पॉट मार्केट’ का रुख करना पड़ा है।
-
रद्द हुए $52 अरब के प्रोजेक्ट्स: इंस्टिट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) के अनुसार, अत्यधिक महंगाई के कारण फिलीपींस, थाईलैंड और वियतनाम में पिछले 5 वर्षों में 52 अरब डॉलर की लागत वाले लगभग 47 प्रस्तावित गैस पावर प्रोजेक्ट्स को या तो रद्द कर दिया गया है या काम रोक दिया गया है।
भविष्य की रणनीति और सप्लायर्स में बदलाव
मैकिन्से के एक सर्वे के अनुसार, 80% खरीदार अपनी खरीद रणनीति में बदलाव कर रहे हैं। एशियाई देश अब अमेरिका, कनाडा और पापुआ न्यू गिनी जैसे सुरक्षित व सीधे भौगोलिक रूट वाले सप्लायर्स से करार करने की योजना बना रहे हैं ताकि होर्मुज जैसे विवादित मार्गों पर निर्भरता कम की जा सके।
iPhone 17 ऑफर: फ्लिपकार्ट पर पुरानी कीमत से भी कम दाम में खरीदने का मौका, जानें ऑफर्स और फीचर्स








