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UP MLC Chunav: पिता का नाम ‘B.Com’ तो कहीं ‘मूर्ख चंद’- वोटर लिस्ट में छपा ‘राम ने शर्मा को मारा’, बवाल मचा तो UP CEO बोले- ‘शुक्र है किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

UP MLC Chunav: पिता का नाम ‘B.Com’ तो कहीं ‘मूर्ख चंद’- वोटर लिस्ट में छपा ‘राम ने शर्मा को मारा’, बवाल मचा तो UP CEO बोले- ‘शुक्र है किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

UP MLC Chunav: पिता का नाम ‘B.Com’ तो कहीं ‘मूर्ख चंद’- वोटर लिस्ट में छपा ‘राम ने शर्मा को मारा’, बवाल मचा तो UP CEO बोले- ‘शुक्र है किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

UP MLC Chunav: पिता का नाम ‘B.Com’ तो कहीं ‘मूर्ख चंद’- वोटर लिस्ट में छपा ‘राम ने शर्मा को मारा’, बवाल मचा तो UP CEO बोले- ‘शुक्र है किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनावों की मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। वोटर लिस्ट में मतदाताओं और उनके पिता के नाम की जगह अजीबोगरीब प्रविष्टियां दर्ज मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बवाल मच गया है। मामले के तूल पकड़ने पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने न केवल अपनी गलती स्वीकार की, बल्कि सोशल मीडिया पर तंजिया लहजे में सफाई भी दी।

वोटर लिस्ट में अतरंगी नाम: ‘B.Com’ से लेकर ‘मूर्ख चंद’ तक

इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र समेत राज्य की विभिन्न एमएलसी चुनाव की मतदाता सूचियों में गंभीर लिपकीय गलतियां मिलीं। वोटर पर्चियों में पिता के नाम के स्थान पर ‘राम ने शर्मा को मारा’, ‘राम ने यादव को मारा’, ‘मूर्ख चंद यादव’ और ‘B.Com’ जैसे नाम छपे हुए मिले।

विपक्षी दलों और आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस गड़बड़ी का वीडियो शेयर करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आयोग पर जातिवादी मानसिकता के आरोप लगाए।

UP CEO नवदीप रिनवा की सफाई: ‘कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

विवाद बढ़ता देख मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने एक्स (ट्विटर) पर संजय सिंह के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए आयोग की गलती स्वीकार की और स्क्रीनशॉट साझा किया। उन्होंने लिखा:

“हालिया विधान परिषद के चुनाव की मतदाता सूची में एक अजीबोगरीब नाम ‘राम ने शर्मा को मारा’ भी है। कंप्यूटर/सॉफ्टवेयर जातिवादी नहीं है। हमारे द्वारा गलती किया जाना स्वीकार है लेकिन हमारे सौभाग्य से गलती होते समय भी जाति का भेदभाव नहीं हुआ है। भगवान का यह भी शुक्र है कि राम ने किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा है। नहीं तो जातिवादी होने के साथ-साथ सांप्रदायिक होने का इल्ज़ाम भी लगता।”

कैसे हुई इतनी बड़ी गड़बड़ी?

CEO कार्यालय के अनुसार, यह गड़बड़ी डिजिटल सॉफ्टवेयर में ट्रांसलेशन (अनुवाद) और डेटा एंट्री की मानवीय भूल के कारण हुई है,डेटा एंट्री के दौरान अंग्रेजी में ‘Ramhit Sharma’ को गलती से ‘Ram hit Sharma’ टाइप कर दिया गया। सॉफ्टवेयर ने ‘hit’ शब्द का हिंदी अनुवाद ‘मारा’ कर दिया, जिससे नाम बदलकर ‘राम ने शर्मा को मारा’ हो गया। इसी तरह ‘Ramhit Yadav’ का ‘राम ने यादव को मारा’ बन गया।

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जांच और कार्रवाई के आदेश

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों और डेटा एंट्री ऑपरेटर्स के खिलाफ जांच और रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि वोटर लिस्ट में प्रिंटिंग की त्रुटि के बावजूद जिन मतदाताओं के पास वैध पहचान पत्र थे, उन्हें मतदान करने का पूरा अवसर दिया गया। UP MLC Chunav: पिता का नाम ‘B.Com’ तो कहीं ‘मूर्ख चंद’- वोटर लिस्ट में छपा ‘राम ने शर्मा को मारा’, बवाल मचा तो UP CEO बोले- ‘शुक्र है किसी अल्पसंख्यक को नहीं मारा, कंप्यूटर जातिवादी नहीं होता’

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