मझगवां (सतना)। मझगवां-मानिकपुर रेलखंड पर स्थित रमपुरवा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में शव लगभग तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। मझगवां-मानिकपुर रेलखंड शव घटना के बाद स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की कार्यशैली और नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
3 दिन तक पटरियों के किनारे पड़ा रहा शव, कहां थी RPF?
मामले का सबसे गंभीर और चौंकाने वाला पहलू यह है कि शव कथित तौर पर बीते तीन दिनों से रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा हुआ था। रेलवे के नियमों के अनुसार ट्रैक पर चौबीसों घंटे नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी की जाती है। इसके बावजूद 72 घंटे तक गश्ती दल की नजर शव पर न पड़ना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक और घोर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
पुलिस और RPF मौके पर पहुंची, शिनाख्त के प्रयास तेज
शव देखे जाने की सूचना मिलते ही आरपीएफ (RPF) और मझगवां थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
- मृतक की स्थिति: शव काफी पुराना होने के कारण सड़ने की स्थिति में पहुंच गया है, जिससे तत्काल शिनाख्त में कठिनाई आ रही है।
- अज्ञात सवाल: मृतक रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा? क्या यह हादसा है, आत्महत्या या फिर किसी वारदात को अंजाम देकर शव को यहां फेंका गया है? इन सभी पहलुओं पर पुलिस गहराई से जांच कर रही है।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच शुरू
यदि शव वास्तव में तीन दिनों से पटरियों के पास पड़ा था, तो यह रेलवे ट्रैक मेंटेनेंस और आरपीएफ की गश्त प्रणाली पर बड़ा धब्बा है। स्थानीय लोगों और यात्रियों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि:
- मृतक की शिनाख्त के लिए आसपास के गांवों और थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाली जा रही है।
-
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (जैसे ट्रेन की टक्कर, चोट के निशान या अन्य कारण) का खुलासा हो सकेगा।
-
पेट्रोलिंग टीम की लापरवाही की पुष्टि वरिष्ठ अधिकारियों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है और क्षेत्र में चल रही तरह-तरह की चर्चाओं के बीच आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

