जॉयफुल लर्निंग से बदलेगी क्लासरूम शिक्षा: कटनी डाइट में शिक्षकों को मिला 12 बिंदुओं पर स्व-आकलन का टॉस्क
राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देश पर डाइट कटनी में माध्यमिक शिक्षकों का जिला स्तरीय उन्मुखीकरण संपन्न हुआ। जानें 22 अगस्त से शुरू हो रहे शैक्षिक संवाद और 12 मॉनिटरिंग बिंदुओं का पूरा ब्योरा।

- जॉयफुल लर्निंग से बदलेगी क्लासरूम शिक्षा: कटनी डाइट में शिक्षकों को मिला 12 बिंदुओं पर स्व-आकलन का टॉस्क
कटनी। राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल के निर्देशानुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) कटनी में माध्यमिक शाला के शिक्षकों का एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। डाइट प्राचार्य एम. पी. डुंगडुंग के कुशल निर्देशन एवं जिला परियोजना समन्वयक श्री प्रेम नारायण तिवारी के मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘जॉयफुल लर्निंग’ के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। उन्मुखीकरण को दो चरणों में विभाजित किया गया था, जिसमें पहले चरण में कटनी, रीठी एवं बड़वारा तथा दूसरे चरण में बहोरीबंद, ढीमरखेड़ा और विजयराघगढ़ विकासखंड के कक्षा 6 से 8 में पढ़ाने वाले शिक्षक व जन शिक्षक शामिल हुए।
अगस्त से जनवरी तक आयोजित होंगे 5 शैक्षिक संवाद
डाइट के शैक्षिक संवाद प्रभारी श्री राकेश सिन्नरकर ने आगामी रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अगस्त से जनवरी माह तक कुल पांच शैक्षिक संवाद आयोजित किए जाएंगे।
- द्वितीय शनिवार: कक्षा 1 से 2 के शिक्षकों हेतु
- तृतीय शनिवार: कक्षा 3 से 5 के शिक्षकों हेतु
- चतुर्थ शनिवार: कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों हेतु
इसी क्रम में 22 अगस्त को जिले के प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र पर कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए शैक्षिक संवाद का आयोजन किया जाएगा।
रोचक गतिविधियों से बनाया सत्र को प्रभावी
राज्य स्तरीय प्रशिक्षित सहजकर्ता सरिका गुप्ता और सुषमा अग्रवाल ने सत्र 2025-26 के संवादों के पुनरावलोकन के साथ इस माह की थीम “कक्षा से जुड़ाव : जोयफुल लर्निंग हेतु एक पहल” पर आधारित गतिविधियों का प्रदर्शन किया। इसमें वेलकम सर्कल, परिचय गतिविधि, मेरी कहानी विद्यार्थियों की जुबानी, मेरी पहचान-मैं कौन हूं, स्थानीय समुदाय को समझने के लिए सामूहिक नक्शा बनाना, पहेली और दिमागी खेल जैसी गतिविधियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। वहीं पीपल संस्था से श्री नौशाद ने कहानी सुनाने और उस पर चिंतन के जरिए कक्षा को आनंदमयी बनाने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
12 मॉनिटरिंग बिंदुओं पर होगा शालाओं का स्व-आकलन
शिक्षक प्रभारी श्री राजेंद्र असाटी ने कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार तैयार किए गए मॉनिटरिंग के 12 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की और सभी जन शिक्षकों को इसकी प्रति उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि सभी शालाएं अगले 15 दिनों में इन बिंदुओं के आधार पर स्व-आकलन करेंगी, जिसके पश्चात अनुवीक्षण (मॉनिटरिंग) किया जाएगा। साथ ही प्राथमिक शालाओं को ‘निपुण शाला’ बनाने में शिक्षकों और जन शिक्षकों की भूमिका को भी रेखांकित किया गया।
इस दौरान डाइट प्राचार्य, ज्योति श्रीवास्तव, कमलेश सोनी, उमाशंकर सैनी, देवेन्द्र तिवारी, शिवराम तिवारी, राजेश गुप्ता, मंजू शर्मा, विक्रम सूर्यवंशी, संतोष जायसवाल, रामकुमार मिश्रा सहित जिले के अनेक अधिकारी व शिक्षक प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।








