शहीद दिवस भारत के उन वीर सपूतों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजी हुकूमत ने फांसी पर लटका दिया था।
इन तीनों क्रांतिकारियों ने न केवल अपने बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी, बल्कि अपने विचारों से युवाओं के दिलों में देशभक्ति की अलख जगाई। भगत सिंह के विचार आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
रविवार को मंगल नगर तिराहा में कटनी जिले के पूर्व सैनिक सेवा संगठन के द्वारा शहीदी दिवस का आयोजन शाम 7.00 बजे संगठन के अध्यक्ष परमानंद चुतुर्वेदी एवं अर्जुन त्रिपाठी , राजेन्द पटेल सुरेश जैसवाल पी के पांडे, गनपत पटेल, जी. एल शर्मा, अजय पटेल, रम्मू पटेल, सरोज सिंह, रामाधार तिवारी, मोहन पटेल मधुरा प्रसाद पटेल, नरेन्द्र पटेल अश्विनि प्रसाद विश्वकर्मा, कैलाश पटेल रामनरेश पटेल, झल्ले सिंह जे.पी सिंह ने अपने विचार व्यक्त किये l
कृष्णा येड़े, लवकुश साहू, शिब्बु शर्मा, कुश साहु एवं समस्त मगंल नगर निवासी की ओर से भूतपूर्व सेवा संगठन को आमंत्रित करके शहीद भगत सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित कियाl