इंदौर में बढ़ा पेट इंश्योरेंस (Pet Insurance) का रुझान: महंगे इलाज के खर्च से बचने के लिए लोग करा रहे पालतू जानवरों का बीमा

इंदौर में बढ़ा पेट इंश्योरेंस (Pet Insurance) का रुझान: महंगे इलाज के खर्च से बचने के लिए लोग करा रहे पालतू जानवरों का बीमा

बिजनेस / यूटिलिटी डेस्क। इंदौर में पालतू जानवरों (डॉग्स और कैट्स) के इलाज और मेडिकल खर्चों में हो रही भारी बढ़ोतरी से बचने के लिए पेट पेरेंट्स अब पेट इंश्योरेंस (पालतू जानवरों का बीमा) का सहारा ले रहे हैं। इसके लिए बाजार में अलग से पेट इंश्योरेंस प्लान के साथ-साथ फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस में भी पेट्स को शामिल करने के विकल्प मिल रहे हैं।

वेटरनरी डॉक्टर्स के अनुसार, इंदौर शहर में अब तक लगभग 500 कुत्तों (Dogs) का बीमा कराया जा चुका है।

पेट इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर?

उम्र और ब्रीड के हिसाब से प्रीमियम दरें (वार्षिक)

पेट इंश्योरेंस का प्रीमियम पालतू जानवर की नस्ल (Breed), उम्र, स्वास्थ्य और सम इंश्योर्ड पर निर्भर करता है:

बीमारियों और सर्जरी पर होने वाला भारी-भरकम खर्च

पॉलिसी लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें

  1. उम्र सीमा: आमतौर पर 2 महीने के छोटे पिल्लों से लेकर 8-10 साल तक के पेट्स का बीमा कराया जा सकता है।

  2. वेटिंग पीरियड: पहले से मौजूद बीमारियों (Pre-existing diseases) पर 30 से 90 दिनों तक का वेटिंग पीरियड लागू होता है।

  3. क्लेम प्रक्रिया: अधिकांश पॉलिसियों में रीइम्बर्समेंट (Reimbursement) मॉडल होता है; यानी पहले इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता है, जिसके बाद वेटरनरी बिल, पर्चे और जांच रिपोर्ट जमा करके क्लेम पास कराया जाता है।

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