पेशावर में दर्दनाक हादसा: प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 27 मासूमों समेत 28 की मौत, 30 से अधिक घायल
पेशावर। उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के पेशावर (अफरीदी आबाद इलाके) में गुरुवार को एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ एक निजी स्कूल की इमारत की छत अचानक ढह जाने से 27 स्कूली बच्चों और एक महिला शिक्षिका समेत कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
13 साल से कम उम्र के बच्चों ने गंवाई जान
पेशावर के ‘लेडी रीडिंग अस्पताल’ (LRH) के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम और आसिम खान ने हताहतों की संख्या की पुष्टि की है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 27 छात्र (उम्र 7 से 13 वर्ष के बीच) और 1 महिला शिक्षिका।30 से अधिक लोग भर्ती हैं, जिनमें 6 की हालत गंभीर है। अस्पताल में आपात स्थिति घोषित कर तुरंत डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है।
मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका, रेस्क्यू जारी
हादसे की सूचना मिलते ही ‘रेस्क्यू 1122’ की दर्जनों एंबुलेंस और आपदा राहत वाहन मौके पर पहुंचे और मलबे को हटाने का काम शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने जताया गहरा दुख
घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों को त्वरित और सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
घटिया निर्माण और लापरवाही बनी हादसे की वजह
पाकिस्तान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण इमारतों का गिरना एक गंभीर समस्या बना हुआ है। इससे पहले भी ऐसे कई बड़े हादसे सामने आ चुके हैं:
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जून 2026 (लाहौर): एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत हुई थी।
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कराची (लियारी): पांच मंजिला इमारत ढहने से 27 लोगों की जान गई थी।

