कोटा में दर्दनाक हादसा: बारिश के बीच 33 KV हाईटेंशन लाइन का इंसुलेटर फटा; 50 घरों में फैला करंट, परिवार को बचाते हुए महिला की मौत, 9 झुलसे
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। शहर के अनंतपुरा थाना क्षेत्र स्थित बरड़ा बस्ती (क्रेशर रोड) में रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे भारी बारिश के बीच 33 केवी (KV) हाईटेंशन बिजली लाइन का इंसुलेटर तेज धमाके के साथ टूट गया। बारिश के कारण जमीन और दीवारें गीली होने की वजह से देखते ही देखते करीब 200 मीटर के दायरे में स्थित 50 से अधिक घरों में हाई-वोल्टेज करंट दौड़ गया।
इस खौफनाक हादसे में अपने परिवार और बच्चों की जान बचाते हुए एक 30 वर्षीय महिला की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि तीन बच्चों समेत 9 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। करंट की चपेट में आने से दो गायों की भी मौत हुई है।
अपनों को तो बचा लिया, खुद लोहे के गेट पर तोड़ दिया दम
यह दिल दहला देने वाला वाकया बरड़ा बस्ती के अंबेडकर चौक के पास का है। चश्मदीदों के मुताबिक, जब धमाके के साथ इंसुलेटर टूटा, तो घरों की दीवारों, बर्तनों और लोहे के उपकरणों में तेज करंट उतर आया। घरों के भीतर लोग तड़पने लगे और पूरी बस्ती में चीख-पुकार मच गई।
इसी दौरान 30 वर्षीय सलमा ने अदम्य साहस का परिचय दिया। वह अपने बच्चों, सास-ससुर और पति को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दौड़ी। उसने किसी तरह अपने पूरे परिवार को घर से बाहर खदेड़ दिया, लेकिन जैसे ही वह घर का बाहरी लोहे का गेट बंद करने लगी, वह खुद हाई-वोल्टेज करंट की ज़द में आ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। सलमा अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है।
एक ही परिवार के कई लोग झुलसे, अस्पताल में भर्ती
हादसे में कुल 9 लोग झुलसे हैं, जिन्हें तुरंत न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में मृतका सलमा के पति अफाक (33), ससुर इशाक बेग (60), सास नशीवन बेग (50), जीया (14), आलिया (12), अर्शिल (9) के अलावा पड़ोस में रहने वाली सीमा कंवर (35), अयोध्या बाई (48) और भूरी बाई (25) शामिल हैं। घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
घायल ससुर इशाक बेग ने रोते हुए बताया:
“रविवार की छुट्टी होने के कारण मैं घर पर ही था। अचानक बाहर शोर सुना तो देखा कि मेरी पत्नी, पोता और पोती करंट से तड़प रहे थे। उन्हें बचाने के लिए जैसे ही मैं आगे बढ़ा, मुझे भी जोरदार झटका लगा। सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि संभलने का मौका ही नहीं मिला।”
गुस्साए परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। मृतका के परिजनों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आबादी क्षेत्र और मकानों के ठीक ऊपर से गुजर रही इस जानलेवा हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए उन्होंने जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) को कई बार लिखित शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों (JVVNL) का कहना है कि यह पथरीला और माइनिंग प्रभावित इलाका है, जहां कई मकान अवैध रूप से बिजली के टावरों को घेरकर बना लिए गए हैं। आशंका है कि खनन कार्य के दौरान उड़े किसी पत्थर के टुकड़े से इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हुआ होगा, जिससे बारिश के दौरान ‘अर्थ फॉल्ट’ हो गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है और लाइन की मरम्मत कर बिजली सप्लाई बहाल की जा रही है।








