Tuesday, May 12, 2026
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LPG सब्सिडी पर ’10 लाख’ वाला नियम सख्त: अमीरों की सब्सिडी होगी बंद- तेल कंपनियों ने शुरू की आय की जांच; जानें क्या आपका नाम भी है लिस्ट में?

LPG सब्सिडी पर ’10 लाख’ वाला नियम सख्त: अमीरों की सब्सिडी होगी बंद- तेल कंपनियों ने शुरू की आय की जांच; जानें क्या आपका नाम भी है लिस्ट में?। अगर आप भी रसोई गैस पर सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। केंद्र सरकार के निर्देश पर सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने उन ग्राहकों की छंटनी शुरू कर दी है जिनकी सालाना आय अधिक है। अब 10 लाख रुपये से ज्यादा की टैक्सेबल इनकम वाले परिवारों को सब्सिडी छोड़नी पड़ सकती है।

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चेतावनी संदेशों से हड़कंप: 7 दिन का अल्टीमेटम

देशभर में इण्डेन (Indane), एचपी (HP) और भारत गैस (Bharat Gas) के उन ग्राहकों को चेतावनी संदेश (Alert Messages) भेजे जा रहे हैं, जिनकी वित्तीय प्रोफाइल संदिग्ध या हाई-इनकम श्रेणी में आती है।

  • नियम: यदि आपकी या आपके पति/पत्नी की कुल सालाना टैक्सेबल आय 10 लाख रुपये से अधिक है, तो आप सब्सिडी के हकदार नहीं हैं।

  • अल्टीमेटम: मैसेज मिलने के 7 दिनों के भीतर ग्राहकों को अपनी आय की स्थिति स्पष्ट करनी होगी, अन्यथा उनकी सब्सिडी स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।

कौन हैं पात्र और किन्हें मिलेगा लाभ?

सरकार ने सब्सिडी की पात्रता के लिए कुछ कड़े मापदंड तय किए हैं:

  1. घरेलू कनेक्शन: यह लाभ केवल घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए है। कमर्शियल या इंडस्ट्रियल कनेक्शन पर सब्सिडी नहीं मिलती।

  2. इनकम कैप: परिवार (पति और पत्नी) की कुल टैक्सेबल आय 10 लाख से कम होनी चाहिए।

  3. आधार लिंकिंग: सब्सिडी के लिए गैस कनेक्शन का आधार (Aadhaar) और बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है।

  4. ‘गिव इट अप’ (Give It Up): जिन लोगों ने स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ दी है, उन्हें इस जांच प्रक्रिया से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

क्या है LPG सब्सिडी और भुगतान का तरीका?

एलपीजी सब्सिडी ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए सीधे ग्राहकों के बैंक खाते में भेजी जाती है। ग्राहक को सिलेंडर बाजार दर पर खरीदना होता है और सब्सिडी की रकम बाद में खाते में क्रेडिट होती है।

फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू हुआ DAC सिस्टम

सब्सिडी के साथ-साथ सरकार ने डिलीवरी प्रक्रिया को भी सुरक्षित बनाया है। अब DAC (Delivery Authentication Code) सिस्टम के बिना सिलेंडर नहीं मिलेगा।

  • डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक कोड आएगा।

  • यह कोड डिलीवरी एजेंट को बताने के बाद ही सिलेंडर हैंडओवर किया जाएगा। इससे गैस की कालाबाजारी और फर्जी डिलीवरी पर रोक लगेगी।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि