गर्मियों के दिनों में बीपी लो होने की समस्या सबसे ज्यादा होती है लिए इन आयुर्वेदिक टिप्स के द्वारा इसका इलाज जाने गर्मियों का मौसम अपने साथ कई तरह की शारीरिक समस्याएं लेकर आता है, जिसमें लो ब्लड प्रेशर की समस्या भी मुख्य है। असल में, गर्म हवाओं और बढ़े हुए तापमान का शरीर पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण बीपी में गिरावट आती है। ऐसे में प्यास लगना, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और बेहोशी की समस्या पेश आ सकती है। इसलिए गर्मी में ब्लड प्रेशर (Low blood Pressure in Summer) का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है।
देखा जाए तो लो ब्लड प्रेशर की समस्या, बाहरी तापमान के कारण शरीर में उत्पन्न हुए दोष के कारण पेश आती है। ऐसे में इसके उपचार के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Treatment for Low Blood Pressure) काफी कारगर हो सकते हैं। इस आर्टिकल में हम अपने रीडर्स को इसी बारे में जानकारी देने जा रहे हैं कि गर्मियों में होने वाली लो बीपी की समस्या से निजात के लिए किस तरह के आयुर्वेदिक उपाय किए जा सकते हैं।
गर्मियों के दिनों में बीपी लो होने की समस्या सबसे ज्यादा होती है लिए इन आयुर्वेदिक टिप्स के द्वारा इसका इलाज जाने
बता दें कि हमने इस बारे में आयुर्वेदाचार्य संदीप उपाध्याय से बात की और उनसे मिली जानकारी यहां आपके साथ शेयर कर रहे हैं। आयुर्वेदाचार्य संदीप उपाध्याय बताते हैं कि लो बीपी की समस्या असल में एक तरह का वात विकार है, जिसमें शरीर में रस और ओज धातु दोनों ही असंतुलित होते हैं। गर्मी के अलावा कुपोषण, एनीमिया और शरीर में रक्त प्रवाह ठीक न होने पर भी ब्लड प्रेशर में गिरावट आ जाती है।
गर्मियों में क्यों कम होता ब्लड प्रेशर?
अब बात करें कि आखिर गर्मियों के मौसम में लो ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों पेश आती है तो असल में ऐसा डिहाइड्रेशन के कारण हो सकता है। दरअसल, तापमान बढ़ने पर शरीर से अधिक पसीना निकलता है और बॉडी में फ्लूड्स का लेवल कम हो जाता है। वहीं पसीने के साथ ही शरीर से सोडियम बाहर निकल जाता है और सोडियम की कमी के चलते भी ब्लड प्रेशर में गिरावट आती है।
लो ब्लड प्रेशर का आयुर्वेदिक उपचार
लो ब्लड प्रेशर की समस्या के उपचार के लिए आयुर्वेद में कई सारी चिकित्सा पद्धतियां बताई गई हैं। चलिए इनके बारे में संक्षिप्त में जान लेते हैं।
शिरोधारा- यह एक आयुर्वेदिक उपचार है जिसमें पीड़ित व्यक्ति के माथे पर तेल, दूध, छाछ, नारियल पानी और दूसरे द्रव की धार गिराई जाती है। इसके जरिए व्यक्ति के शरीर को शीतलता प्रदान करने की कोशिश की जाती है।
शोधन कर्म- लो ब्लड प्रेशर की समस्या से निजात के लिए आयुर्वेद में कई सारे शोधन कर्म का भी वर्णन मिलता है। जैसे नस्य कर्म और बस्ती कर्म द्वारा शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की कोशिश की जाती है। बता दें कि यह सभी चिकित्सा पद्धतियां आयुर्वेद विशेषज्ञों की देख-रेख में आयुर्वेदिक चिकित्सालय की जाती हैं। इसलिए स्वयं इनके प्रयोग से बचें।
गर्मियों के दिनों में बीपी लो होने की समस्या सबसे ज्यादा होती है लिए इन आयुर्वेदिक टिप्स के द्वारा इसका इलाज जाने
लो बीपी के लिए उपयोगी आयुर्वेदिक वनस्पति
आयुर्वेद में ऐसी कई सारी जड़ी-बूटियों और वनस्पतियों का जिक्र मिलता है, जो लो ब्लड प्रेशर की समस्या में लाभकारी होती हैं। चलिए इन वनस्पतियों के बारे में जान लेते हैं।
अर्जुन
एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-हाइपरटेंसिव गुणों से भरपूर अर्जुन की छाल को आयुर्वेद में औषधि का दर्जा दिया गया है। बता दें कि लो ब्लड प्रेशर की समस्या के निजात में भी यह वनस्पति बेहद असरदार साबित होती है। इसके लिए अर्जुन की छाल के पाउडर का सेवन सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ करना होता है।
तुलसी
तुलसी के आयुर्वेदिक गुणों के बारे में तो सभी जानते हैं। एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर तुलसी शरीर के वात, पित्त और कफ दोषों को कम करने में बेहद सहायक मानी जाती है। ऐसे में लो ब्लड प्रेशर के इलाज में भी यह कारगर मानी जाती है। इसके लिए आपको एक चम्मच तुलसी के रस में, एक चम्मच शहद को मिलाकर उसका दिन में दो बार सेवन करना है। ध्यान रहे पहली खुराक सुबह के नाश्ते से पहले लें और दूसरी रात के भोजन के बाद।

