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स्वीकृत छुट्टी पर भी पोर्टल दिखाता था ‘गायब’… अब महिला शिक्षकों के हक में आया शिक्षा विभाग का ये नया नियम

महिला शिक्षकों को बड़ी राहत: चाइल्ड केयर लीव पर ई-अटेंडेंस का झंझट खत्म, शिक्षा विभाग ने लागू की नई व्यवस्था

स्वीकृत छुट्टी पर भी पोर्टल दिखाता था ‘गायब’… अब महिला शिक्षकों के हक में आया शिक्षा विभाग का ये नया नियम

 भोपाल: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत हजारों महिला शिक्षिकाओं के लिए स्कूल शिक्षा विभाग से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। विभाग ने चाइल्ड केयर लीव (संतान पालन अवकाश) के दौरान लंबे समय से चली आ रही ई-अटेंडेंस (E-Attendance) संबंधी तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान खोजते हुए एक नई व्यवस्था लागू कर दी है।

इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेशभर के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को कड़े और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सावन 2026 में बड़ा खगोलीय उलटफेर: महज 16 दिनों में लगेंगे दो बड़े ग्रहण, रक्षाबंधन पर भी चंद्र ग्रहण का साया;  ग्रहण काल में क्या करें और क्या न करें?

क्या थी समस्या और क्यों बढ़ी परेशानी?

अब तक प्रदेश की कई महिला शिक्षिकाओं को चाइल्ड केयर लीव के दौरान एक अजीबोगरीब तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा था:

  • स्वीकृति के बाद भी गैर-हाजिरी: महिला शिक्षकों का अवकाश (Leave) विभाग द्वारा विधिवत स्वीकृत होने के बावजूद, ऑनलाइन ई-अटेंडेंस पोर्टल पर उनकी उपस्थिति या लीव स्टेटस सही तरीके से अपडेट नहीं हो पाता था।

  • वेतन और सर्विस रिकॉर्ड पर असर: इस तकनीकी खामी के कारण पोर्टल पर शिक्षिकाओं की अनधिकृत अनुपस्थिति दिखने लगती थी, जिससे उनके मासिक वेतन (Salary), सेवा अभिलेख (Service Record) और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में रुकावटें आ रही थीं।

 DPI का एक्शन: अब तुरंत होगा समस्या का समाधान

महिला शिक्षकों की इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने तत्काल कदम उठाए हैं:

  • जिला अधिकारियों को निर्देश: प्रदेश के सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर पोर्टल की इस तकनीकी विसंगति को तुरंत दुरुस्त करें। स्वीकृत छुट्टी पर भी पोर्टल दिखाता था ‘गायब’… अब महिला शिक्षकों के हक में आया शिक्षा विभाग का ये नया नियम

  • वेतन में नहीं होगी देरी: नई व्यवस्था के तहत अब अवकाश स्वीकृत होते ही पोर्टल पर स्टेटस ऑटो-अपडेट होगा, जिससे महिला शिक्षकों के वेतन और प्रशासनिक दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की देरी या कटौती नहीं होगी।

विभाग के इस त्वरित फैसले से प्रदेश की उन हजारों महिला शिक्षकों ने राहत की सांस ली है, जो अपने बच्चों की देखभाल के लिए नियमानुसार अवकाश का लाभ ले रही हैं।

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