कर्ज का खेल खत्म: ₹6,650 करोड़ का IPO ला रही OYO, जुटाए गए पैसों का 75% हिस्सा केवल उधार चुकाने में होगा खर्च
बिजनेस डेस्क। हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की जानी-मानी टेक कंपनी ओयो (OYO) जल्द ही घरेलू शेयर बाजार में अपना धमाकेदार डेब्यू करने जा रही है। कंपनी की पैरेंट फर्म प्रिज्म (Prism) ने ₹6,650 करोड़ का आईपीओ लाने की पूरी तैयारी कर ली है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास जमा किए गए ताजा दस्तावेजों के मुताबिक, ओयो इस आईपीओ से मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा—करीब 75 फीसदी पैसा—अपना पुराना कर्ज चुकाने में खर्च करेगी। कंपनी का पूरा ध्यान अपनी बैलेंस शीट को मजबूत और कर्ज मुक्त बनाने पर है, ताकि लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प मिल सके।
कर्ज के बोझ से मिलेगी मुक्ति
प्रस्तावित आईपीओ के जरिए जो ₹6,650 करोड़ जुटाए जाएंगे, उसमें से ₹4,987.5 करोड़ की भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल सिर्फ पुराने कर्ज को चुकता करने के लिए किया जाएगा। इसके बाद बची हुई शेष राशि को कंपनी अपने सामान्य कॉरपोरेट कामकाज (General Corporate Purposes) में निवेश करेगी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी कंपनी का कर्ज कम होना उसकी वित्तीय स्थिरता को सीधे तौर पर बढ़ाता है, जिससे लिस्टिंग के बाद बाजार में शेयर को मजबूती मिलेगी।
पूरी तरह ‘फ्रेश इश्यू’ होगा आईपीओ, घट सकता है साइज
ओयो के इस पब्लिक इश्यू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ (नए शेयरों की बिक्री) पर आधारित होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी का कोई भी मौजूदा बड़ा शेयरधारक ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो के जरिए अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहा है।
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हालांकि, बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए आईपीओ के अंतिम आकार में थोड़ा बदलाव हो सकता है। कंपनी पब्लिक इश्यू आने से पहले ₹1,330 करोड़ तक का प्री-IPO प्लेसमेंट करने पर भी विचार कर रही है। अगर यह प्री-इश्यू प्लेसमेंट सफल रहता है, तो मुख्य आईपीओ का साइज उसी अनुपात में कम कर दिया जाएगा।
ओयो (Prism) की वित्तीय सेहत पर एक नजर
| वित्तीय पैमाना | अवधि / वित्त वर्ष | आंकड़े (₹ करोड़ में) | स्थिति |
| ऑपरेशनल रेवेन्यू | FY26 (शुरुआती 9 महीने) | ₹6,941 करोड़ | मजबूत बढ़त |
| शुद्ध मुनाफा (Net Profit) | FY26 (शुरुआती 9 महीने) | ₹748 करोड़ | 11% की सालाना वृद्धि |
| ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) | वित्त वर्ष 2025 (FY25) | ₹2,127 करोड़ | ₹953 करोड़ से दोगुना उछाल |
मुनाफे के ट्रैक पर लौटी कंपनी
अगर कंपनी के कामकाज और वित्तीय प्रदर्शन को देखें, तो ओयो की सेहत में पिछले कुछ समय में काफी तेज और सकारात्मक सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2026) के दौरान ही कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11 फीसदी बढ़कर ₹748 करोड़ पर पहुंच गया है।कर्ज का खेल खत्म: ₹6,650 करोड़ का IPO ला रही OYO, जुटाए गए पैसों का 75% हिस्सा केवल उधार चुकाने में होगा खर्च
इसके अलावा, ऑपरेटिंग लेवल पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA दोगुने से भी अधिक बढ़कर ₹953 करोड़ से सीधे ₹2,127 करोड़ पर पहुंच गया। यदि इसमें से एक्सेप्शनल आइटम और शेयर-बेस्ड पेमेंट खर्च को अलग भी कर दिया जाए, तो भी यह आंकड़ा ₹1,968 करोड़ बैठता है। वित्तीय आंकड़ों में आया यह उछाल इस बात का साफ संकेत है कि ओयो अब एक घाटे वाली स्टार्टअप से निकलकर मुनाफे वाले ट्रैक पर मजबूती से दौड़ रही है।








