देश में बहुप्रतीक्षित जनगणना का बिगुल बजा: 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी आबादी की गिनती; चुनाव और बर्फबारी वाले इलाकों को मिलेगी छूट
नई दिल्ली, yashbharat.com।देश में लंबे समय से इंतजार की जा रही जनगणना (Census 2027) की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार ने औपचारिक तारीखों का ऐलान कर दिया है। भारत में जनगणना 2027 की प्रक्रिया 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच कराई जाएगी।
इस दौरान देशभर में नागरिकों और परिवारों की विस्तृत गिनती की जाएगी, जिसके आधार पर आगामी योजनाओं का खाका तैयार होगा।
चुनाव वाले राज्यों और हिमपात प्रभावित क्षेत्रों को मिली छूट
रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार:
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विशेष क्षेत्रों को राहत: चुनाव वाले राज्यों (Poll-bound states) और अत्यधिक बर्फबारी से प्रभावित (Snow-bound) दुर्गम क्षेत्रों को इस निश्चित समय-सीमा की प्रक्रिया से छूट दी गई है।
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संदर्भ तिथि (Reference Date): आंकड़ों की गणना और अंतिम रिपोर्ट के निर्धारण के लिए 1 मार्च 2027 को संदर्भ तिथि माना गया है।
16 साल बाद होगी आबादी की गिनती, 2021 में टली थी प्रक्रिया
जनगणना किसी भी देश की आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी नीतियों के निर्माण के लिए सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है:
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पिछली गणना: भारत में आखिरी बार जनगणना वर्ष 2011 में आयोजित की गई थी।
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कोरोना के कारण हुई थी देरी: नियम के मुताबिक 2021 में प्रस्तावित 16वीं जनगणना को कोविड-19 महामारी के प्रसार के कारण टालना पड़ा था।
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भविष्य की योजनाओं का आधार: 16 वर्षों बाद हो रही इस जनगणना से देश की आबादी का सटीक ढांचा, साक्षरता दर, रोजगार स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक जानकारी सामने आएगी।
yashbharat.com इनसाइट: डिजिटलाइज्ड और आधुनिक तकनीकों के साथ आयोजित होने वाली ‘जनगणना 2027’ से देश के परिसीमन, संसाधनों के आवंटन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को एक नई और सटीक दिशा मिलेगी।

