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नन्ही जिंदगी को टॉयलेट में छोड़ गए दरिंदे, ममता हुई शर्मसार तड़पता नवजात उत्कल एक्सप्रेस की घटना मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कंप

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नन्ही जिंदगी को टॉयलेट में छोड़ गए दरिंदे, ममता हुई शर्मसार तड़पता नवजात
उत्कल एक्सप्रेस की घटना मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर मचा हड़कं

कटनी।। इंसानियत को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सोमवार को कटनी मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर सामने आई, जब हरिद्वार से पुरी की ओर जा रही उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच के टॉयलेट में एक नवजात शिशु परित्यक्त अवस्था में मिला। इस घटना ने न केवल यात्रियों को स्तब्ध कर दिया, बल्कि समाज की संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री जैसे ही कोच के शौचालय में पहुंचा, वहां एक मासूम नवजात को पड़ा देख उसके होश उड़ गए। उसने बिना देर किए रेलवे के आपातकालीन नंबर पर सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी सरकारी रेलवे पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। रेलवे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे स्पेशल केयर न्यूबॉर्न यूनिट SCNU में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल शिशु की हालत स्थिर है और उसका इलाज जारी है।
इस बीच, आरपीएफ और जीआरपी की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आखिर किसने और किन परिस्थितियों में इस मासूम को इस तरह ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां एक नवजात को जन्म के तुरंत बाद ही यूं लावारिस छोड़ दिया जाता है। सवाल यह है कि आखिर कौन सी मजबूरी या मानसिकता ऐसी हो सकती है, जो किसी को इतनी निर्ममता पर उतार दे? जहां एक ओर सरकार और समाज बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों के जरिए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं उन प्रयासों को चुनौती देती नजर आती हैं। इस मासूम की जिंदगी बच गई, यह राहत की बात है, लेकिन यह घटना एक ऐसा जख्म दे गई है, जो समाज की आत्मा को झकझोरने के लिए काफी है।

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